रेलवे ने धमौरा हादसे से भी कोई सबक नहीं लिया। अभी तक जर्जर और कमजोर ट्रैक को दुरुस्त नहीं किया गया। एक सप्ताह पहले धमौरा और दुगन के बीच जिस सेक्शन में पैसेंजर ट्रेन के सात डिब्बे और गार्ड बोगी बेपटरी हुई थी। गुरुवार सुबह फिर उस सेक्शन में हादसा बच गया। यहां जन साधारण एक्सप्रेस टूटी पटरी से गुजर गई। चालक ने इसकी जानकारी रेलवे कंट्रोल रूम में दी तो रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। ट्रैक की मरम्मत करने के बाद ट्रेनों को धीमी गति से चलाया शुरू किया गया।
दानापुर से आनंद विहार के बीच चलने वाली जन साधारण एक्सप्रेस ट्रेन गुरुवार सुबह दुगन और धमौरा के बीच से गुजर रही थी। ट्रेन अपनी सामान्य गति से गुजर रही थी। इसी दौरान ट्रेन को तेज झटके लगने लगे। चालक ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन की रफ्तार कम कर दी। सुबह छह बजकर चालीस मिनट पर चालक ने कंट्रोल रूम में इसकी जानकारी दी। जिससे रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पीडब्ल्लूआई टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो ट्रैक लटका मिला। इसके बाद ट्रेनों का संचालन बंद करा दिया गया। सात बजकर 55 मिनट पर ट्रैक की मरम्मत की गई। इसके बाद ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी दे दी गई। इसके बाद ट्रेनों को धमकी गति से चलाया शुरू किया गया। एक दिन पहले ही पूर्वोत्तर रेलवे की सेफ्टी आडिट टीम ने निरीक्षण के बाद बताया था कि मंडल में रेल पटरियां ढीली और प्वाइंटों में गैप है। इस कमी से ट्रेन बेपटरी हो जाती हैं। डीआरएम अजय कुमार सिंघल ने बताया कि धमौरा में गुरुवार सुबह चालक को झटका लगा था। रेल संचालन बंद कर ट्रैक की मरम्मत करा दी गई है।