उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक वी चौबे ने कहा लोकोशेड पुल के निर्माण की चाल अब तक सुस्त रही। इसके लिए संबंधित अधिकारी और निर्माण एजेंसी को तलब किया गया है। उन्होंने कहा कि रेलवे के हिस्से के पुल का निर्माण 31 जनवरी तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। इसमें कोताही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा ट्रेनों की लेटतलीफी को दूर करने के लिए प्रयासरत हैं और जल्द ही इससे भी छुटकारा मिलेगा।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक विश्वेश्वर चौबे ने गुरुवार को गाजियाबाद से लेकर मुरादाबाद तक ट्रैक निरीक्षण किया। दोपहर में उन्होंने रेलवे कंट्रोल रूम में निरीक्षण किया। इसके बाद अधिकारियों के साथ समीक्षा की। उन्होंने एक-एक बिंदु पर संबंधित अधिकारियों से जानकारी। शाम को उन्होंने बताया कि मुरादाबाद रेल मंडल महत्वपूर्ण है। दिल्ली-लखनऊ रेल लाइन मुरादाबाद से होकर गुजरती है। जिसकी वजह से इस लाइन पर ज्यादा ट्रेनों का परिचालन ज्यादा है। जिसकी वजह से ट्रेनें विलंब से चल रही हैं। उन्होंने बताया कि पहले की तुलना में समयबद्धता में सुधार हुआ है। आने वाले वक्त में समयबद्धता में सुधार होगा।
यात्री सुविधाओं में कोताही पर सीधे कार्रवाई
मुरादाबाद। जीएम ने गुरुवार को रेलवे मंडल अधिकारियों के साथ समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधाएं और रेल परिचालन में किसी तरह की कोताही सामने नहीं आनी चाहिए। अगर किसी अधिकारी व कर्मचारी की लापरवाही सामने आएंगी तो उसके खिलाफ सीधे कार्रवाई होगी। उन्होंने वाणिज्य, रेल परिचालक, साफ सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। उन्होंने रेल यात्रियों की मूल भूत सुविधाओं पर भी अधिकारियों संग चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने कर्मचारियों के आवासों के रखरखाव व मरम्मत के अलावा आवासीय परिसर और स्टेशनों पर बिजली पानी की व्यवस्था किए जाने पर ही जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि शार्टकट तरीका अपना कर ट्रैक मररम्मत का कार्य नहीं किया जाए। कहीं पटरी कमजोर और टूटे तो उसे तुरंत बदलें। इसके लिए ब्लाक लेकर ट्रेनों का संचालन बंद करा दें।
तीन साल में दोगुना होगा मालगाड़ियां का संचालन
मुरादाबाद। उत्तर रेलवे जीएम वी चौबे का कहना है कि पिछले तीन साल में मालगाड़ियों का संचालन दोगुना हो गया है। ट्रैफिक अधिक होने की वजह से गाड़ियां लेट हो रही हैं। इसके अलावा रूट ए की गाड़ियां भी रूट बी से गुजारी जा रही है। जिस कारण गाड़ियाें के संचालन पर प्रभाव पड़ा है।