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टमाटर पर छाई मंदी की मार, नहीं मिली रही लागत भी वापस

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टमाटर पर छाई मंदी की मार, नहीं मिली रही लागत भी वापस
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1800 टन प्रतिदिन की सप्लाई दूसरे प्रदेशों में किसान झेल रहे मंदी की मार
लागत भी नहीं मिल रही किसानों को, तीन-चार रुपये किलो में बेच रहे टमाटर
प्रदीप कुमार
अमरोहा।
अमरोहा का आम ही नहीं, टमाटर के स्वाद का भी देश भर के कई प्रांतो में दूर-दूर तक दबदबा है। जिले से प्रतिदिन 1800 टन टमाटर की ऑन डिमांड सप्लाई देश समते प्रदेश की मंडियों में हो रही है। लेकिन इतनी सप्लाई के बाद भी जिले किसानों को मुनाफा छोड़िए लागत तक नसीब नहीं हो रही। ऐसे में किसान परेशान हैं। ये बात और है कि जिले के बड़े व्यापारी अपना टमाटर अच्छे दाम पर दूसरे प्रदेशों को बेच रहे हैं।
अमरोहा जिले में बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती होती है। यहां का बैंगन, करेला, शिमला मिर्च तो दूर तक प्रसिद्घ हैं यहां का टमाटर भी देश में अपने स्वाद की छाप छोड़ रहा है। देश ही नहीं विदेशी भी अमरोहा के टमाटर का स्वाद बड़े चाव चखते हैं। गत वर्ष जिले से पाकिस्तान और सऊदी अरब टमाटर भेजा गया था। हालांकि इस बार सीमा पर हालात अच्छे न होने के कारण टमाटर पाकिस्तान नहीं जा सका। अमरोहा, जोया और धनौरा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती की जाती है। इसमें अमरोहा के गांव सदूनपुर, सलारपुर, याहियापुर, भौपूर, पूरनपुर, पतेई खालसा, डिडौली, कल्याणपुरा, फतेहपुर आदि में टमाटर की खेती हो रही है। जिले में करीब पंद्रह हजार हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की पैदावार ली जा रही है। क्षेत्र में टमाटर की पैदावार इस बार अच्छी नहीं है। बावजूद इसके बड़े पैमाने पर जिले से बाहर टमाटर की सप्लाई हो रही है। क्योंकि क्षेत्र से बाहर टमाटर की डिमांड अधिक है।
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सूदनपुर गांव के पूर्व प्रधान अरविंद कुमार टमाटर की खेती करते हैं। पंद्रह बीघा भूमि में टमाटर की फसल उगाई है। उन्होंने बताया कि इस बार टमाटर की पैदावार अच्छी नहीं है। गत वर्ष से आधी पैैदावार है। बावजूद इसके रेट भी काफी कम है। व्यापारी 26 किलो की क्रेट मात्र 100 रुपये में खरीद रहे हैं। तीन से चार रुपये किलो टमाटर का भाव मिला रहा है। इससे लागत भी वापस नहीं मिल रही है।
गांव कल्याणपुर के टमाटर उत्पादक रामप्रसाद सैनी ने बताया कि काफी भूमि में टमाटर की फसल उगाई है। जैविक खाद के अलावा रासायनिक खादों का प्रयोग भी करते हैं। कीटनाशक दवाओं का भी टमाटर की फसल पर प्रयोग किया जाता है। इस बार टमाटर की पैदावार अच्छी नहीं है। रेट भी कम है। लागत भी वापस नहीं मिल रही है। गांव कल्याणपुरा के टमाटर उत्पादक विनोद कुमार ने बताया कि इस बार टमाटर की पैदावार अच्छी नहीं है। लागत भी वापस नहीं मिल रही है।

कई राज्यों के लोग चख रहे अमरोहा के टमाटर का स्वाद
सबसे अधिक टमाटर की मांग बिहार राज्य के गया मंडी के अलावा गुजरात राज्य के अहमदाबाद, कोलकाता, सिलीगूडी, जयपुर, पंजाब, देहरादून की मंडी से आ रही है। वहीं उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, जौनपुर, बनारस, बस्ती, चंदौली, कानपुर आदि जिलों के लोग भी अमरोहा के टमाटर का स्वाद चख रहे हैं। जिले से ऑन डिमांड टमाटर बाहर भेजा जा रहा है। देश ही नहीं पाकिस्तान और सऊदी अरब के वासी भी अमरोहा के टमाटर का स्वाद चख चुके हैं।
किसानों को लाभ नहीं, व्यापारियों की चांदी
अमरोहा। अमरोहा से टमाटर की सप्लाई देश के कई राज्यों और प्रदेश के कई जनपदों की मंडी के लिए किए जाने से किसानों को कुछ अच्छा भाव मिल रहा है। अमरोहा के बड़े व्यापारी किसानों से तीन से चार रुपये किलो की दर से टमाटर खरीद करते हैं, इसके बाद जिले से बाहर टमाटर की सप्लाई की जाती है। किसानों को तो इसका अधिक लाभ नहीं मिल रहा है, लेकिन बड़े व्यापारियों की चांदी हो रही है।
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सब्जी व्यापारियों के अनुसार अमरोहा से प्रतिदिन 180 गाड़ी टमाटर जिले से बाहर भेजा जा रहा है। एक बाड़ी में दस टन टमाटर आता है। जो व्यापारी जिले से बाहर टमाटर की सप्लाई करते हैं, वह छोटे व्यापारियों से बीस रुपये कमीशन पर टमाटर की क्रेट खरीदते हैं। एक क्रेट में 25 किलो टमाटर आते हैं। उनकी अच्छी तरह पैकिंग की जाती है। इस पर पांच रुपये पैकिंग पर खर्चा आता है।
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