मुरादाबाद। भाजपा के चुनाव मैदान में कूदने और कांग्रेस के प्रत्याशी की उठापटक के बीच गठबंधन के दावेदारों की बेचैनी बढ़ गई है। कांग्रेस प्रत्याशी राजबब्बर के मैदान छोड़ने से मुरादाबाद के चुनावी समीकरण भी बदल जाएंगे। मुरादाबाद की मौजूदा राजनीतिक गतिविधियों पर सपा हाईकमान पैनी निगाह लगाए है। सपा ने गठबंधन प्रत्याशी को लेकर अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं।
मुरादाबाद लोकसभा से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने खुद दावेदारी ठोकी है। राजबब्बर के चुनाव मैदान में उतरने से कार्यकर्ताओं में जबर्दस्त उत्साह है। होली पर भाजपा ने भी मौजूदा सांसद सर्वेश सिंह को मैदान में उतारकर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाया है। राजबब्बर प्रदेश अध्यक्ष होने के साथ सेलिब्रिटी हैं। उनके चुनाव मैदान में उतरने से गठबंधन को भी प्रत्याशी चयन को लेकर माथापच्ची करने को मजबूर होना पड़ा है। गठबंधन के बंटवारे में मुरादाबाद सपा के खाते में हैं। सपा से 16 लोगों ने हाईकमान को दावेदारी सौंपी हैं। इनमें दो प्रबल लोग प्रबल दावेदारों के बीच दौड़ में हैं। शुक्रवार शाम तक गठबंधन प्रत्याशी की घोषणा के कयास लगाए जा रहे थे। स्थानी नेता, दावेदार और कार्यकर्ता हाईकमान की घोषणा के इंतजार में थे। लेकिन सुबह से राजबब्बर के मुरादाबाद से मैदान छोड़ने और फतेहपुर सीकरी से नामांकन खरीदने की चर्चाओं के बीच सपा हाईकमान की नजर मुरादाबाद की राजनीति पर टिक गई है।
राजबब्बर के मैदान छोड़ने एवं चुनाव लड़ने से समीकरण प्रभावित होंगे। समीकरणों को देखते ही सपा हाईकमान प्रत्याशी उतार सकता है। सूत्रों का कहना है कि सपा हाईकमान पैनी निगाह लगाए हैं। प्रत्याशी घोषणा में देरी होने से सपा के दावेदारों, नेताओं और कार्यकर्ताओं की बेचैनी लगातार बढ़ रही है। पार्टी में सभी लोग वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं। हालांकि, सपा जिलाध्यक्ष राजीव सिंघल का कहना है कि कांग्रेस और भाजपा में किसी के आने एवं जाने से गठबंधन प्रत्याशी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। राजीव सिंघल खुद भी गठबंधन से दावेदार हैं।