मुरादाबाद। गन्ना सर्वे और तौल पर्चियों का काम प्रदेश में गन्ना समितियां ही करेंगी। गन्ना विभाग ने निर्णय लिया है कि चीनी मिल प्रबंधन को समितियों के अधिकारों का हनन नहीं करने दिया जाएगा। अब तौल पर्चियों के साथ ही इनका कैलेंडर भी समिति ही जारी करेंगी।
शासन ने किसानों के प्रतिनिधियों के रूप में गन्ना समितियों की स्थापना की थी। किसानों की ओर से गन्ना समितियां ही चीनी मिलों में पक्षकार होती थीं। पिछले कुछ साल से चीनी मिलों ने समितियों के काम को अपने हाथ में ले लिया था। इससे मिलों की मनमानी चलने लगी थी और गन्ना समितियों को बिना अधिकार के बैठा दिया गया था। समितियों के पदाधिकारी भी अपना कमिशन लेकर आराम से रह रहे थे। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पिछले साल चीनी मिलों ने गन्ना समितियों का कमीशन नहीं दिया। इससे समितियों की माली हालत बिगड़ने लगी। इस साल शासन ने तौल पर्ची का काम समितियों को दिया तो मिल प्रबंधन ने गन्ना सर्वे कराने से इंकार कर दिया। गन्ना अधिकारियों ने पिछले दिनों से लेखपाल और तहसील स्टाफ को साथ लेकर सर्वे शुरू कराया था।
गन्ना उपायुक्त राजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि अब स्पष्ट निर्णय कर लिया गया है। चीनी मिलों को गन्ना समितियों के अधिकारों का हनन नहीं करने दिया जाएगा। अब गन्ना सर्वे करने, गन्ने की तौल पर्चियां भेजने, गन्ने का कैलेंडर जारी करने आदि समिति के कार्यों को हर हाल में समिति ही करेगी। मिलों के गन्ना सर्वे में जहां घपला सामने आता था, वहीं अब समितियों के निष्पक्ष सर्वे से किसान खुश हैं।