फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिनभर उमस से बेहाल करने के बाद बरसे बादल

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद।
विज्ञापन

मानसूनी बादल भले ही गत तीन दिन से धीरे-धीरे बरस रहे हों, लेकिन सोमवार को दिनभर शहरवासियों को बारिश का इंतजार करवाया। सुबह से ही आसमान में बादल घिरे हुए थे। बारिश न होने की वजह से भीषण उमस ने उन्हें बेहाल कर दिया। इसके बाद शाम को हुई झमाझम बारिश ने उन्हें राहत दी।
शनिवार और रविवार को आधे-आधे शहर में बारिश हुई थी। इससे वातावरण में नमी बढ़ गई। रात को धीमी हवा होने की वजह से सुबह से ही उमस ने लोगों को बेचैन कर दिया। आसमान में काली घटाएं घिरी हुई थीं, जिससे दिनभर बारिश के आसार बने रहे। शाम से हल्की बारिश शुरू हुई। इससे लोगों के चेहरे खिल गए। थोड़ी ही देर बाद तेज हवाओं के साथ बारिश भी तेज हो गई। शाम को घरों से निकलकर लोग बारिश में भीगे और इसका आनंद लिया। आइसक्रीम और चाट-पकौड़ी की दुकानों पर खूब भीड़ एकत्र रही। राजकीय मौसम विभाग केंद्र के प्रभारी निसार अहमद ने बताया कि बादलों ने उमस बढ़ रही है। सुबह को आर्द्रता 87 फीसदी थी, जो शाम को 90 के आसपास हो गई। दिन में हवा की गति धीमी होने की वजह से ज्यादा परेशानी रही। करीब दस किलोमीटर प्रति घंटा की गति से पूर्वी दिशा की हवा रही है।
विज्ञापन


किसानों के लिए संजीवनी
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए यह बारिश संजीवनी बनकर आई है। सबसे ज्यादा खुशी धान की रोपाई का इंतजार कर रहे किसानों को हो रही है। इससे अब रोपाई के कार्य में तेजी आएगी। गन्ने की फसल के लिए भी यह बारिश बहुत फायदेमंद है। इससे फसल की बढ़वार तेज होगी। अब तीन-चार दिन लगातार बारिश होनी चाहिए, जिससे उन्हें सिंचाई की परेशानी से राहत मिले।
विज्ञापन


जुलाई की बारिश से जून का सूखा दूर होने की उम्मीद
पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि मानसून का औसत जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर माह की बारिश के आधार पर निकाला जाता है। जून माह में प्री मानसून न आने की वजह से यह प्रभावित हुआ है। गत वर्ष जहां सामान्य बारिश रही थीं, वहीं इस बार सिर्फ 23 एमएम बारिश हुई है, जो सामान्य से बहुत ही कम है। हालांकि इस बार अच्छी बारिश के आसार हैं। जुलाई माह में करीब 300 से 325 एमएम की बारिश सामान्य रहती है। गत वर्ष 315.6 एमएम बारिश हुई थी। अभी बारिश की गति थोड़ी कम हो गई है। यदि भारी बारिश बार-बार हो जाएगी तो चार माह का औसत सामान्य बारिश हो जाएगी। किसानों को सब्जी वाली फसलों में पानी निकास का उचित प्रबंध करना होगा। यदि लगातार धीमी-धीमी बारिश होती है तो यह सब्जी से लेकर धान सबके लिए फायदेमंद है। चार-पांच एमएम अधिक भी हो जाएगी तो भी परेशानी नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें