कमोबेश हर बार की तरह इस बार भी जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक चर्चा और आश्वासनों के साथ खत्म हो गई। निर्यातकों और उद्यमियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो सका। कई समस्याएं ऐसी हैं जो पिछले करीब दो साल से लगातार उद्योग बंधु की बैठकों में उठ रही हैं। इनका हल नहीं होने पर अब इन्हें मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में उठाने का फैसला किया गया है।
कलक्ट्रेट में सोमवार को अपर जिलाधिकारी जगतपाल सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक हुई। बैठक में कोहिनूर तिराहा और लालपुर बस्तौर में पानी निकासी के लिए नाला निर्माण का मुद्दा उठा। यह दोनों मुद्दे पिछले करीब दो साल से उद्योग बंधु की बैठकों में उठते रहे हैं। इनके अलावा और भी कई मामले हैं जो दो साल से भी अधिक समय से उद्योग बंधु की बैठक में उठ रहे हैं। बैठक में तय हुआ कि इन्हें मंडलीय उद्योग बंधु में रखा जाए। जिला उद्योग बंधु की बैठक में एमडीए से हर बार अलग अधिकारी के आने की वजह से प्रकरणों में संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता। एमडीए से एक नोडल अधिकारी नामित करने को कहा गया है। निर्यातकाें और उद्यमियों ने बैठक में कहा कि विकास शुल्क देने के बाद भी सड़कें व नाला निर्माण नहीं किए जा रहे हैं। प्रदूषण मुक्त ढलाई भट्ठियों के मामले में उद्यमियों ने दस्तकारों को गैस कनेक्शन देने की मांग की। बैठक में उपायुक्त उद्योग देवराज गौतम, एसपी अंकित मित्तल आदि उपस्थित थे।