कहीं तीखी चमकदार रोशनी तो कहीं यलो लाइट वाली पुरानी और अधिक बिजली खपत करने वाली स्ट्रीट लाइटें अब शहर से गायब होंगी। इनके स्थान पर करीब 40 हजार प्वाइंट पर एलईडी लाइटें लगाकर पूरा शहर चमकाया जाएगा। एलईडी लाइटें लगाने के लिए 58 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। एनर्जी एफिशिएंशी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) कंपनी के माध्यम से यह लाइटें लगाई जाएंगी। एलईडी लाइटें लगाए जाने के बाद प्रतिमाह करीब एक करोड़ रुपये की बिजली बचत होगी।
नगर निगम की सीमा के अंतर्गत 37676 पथ प्रकाश प्वाइंट हैं। इन प्वाइंटों पर इस समय मरकरी और हेलोजन बल्ब वाली लाइटों के अलावा कुछ स्थानों पर सीएफएल लाइटें लगी हुई हैं। इन लाइटों को बदलकर एलईडी लाइटों में तब्दील करने का प्रस्ताव नगर निगम बोर्ड की बैठक में पारित हुआ था।
इस दौरान भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय से जुड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनर्जी एफिशिएंशी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) के पत्र के माध्यम से एलईडी लाइटें लगाकर पुरानी लाइटें हटाने को पत्राचार शुरू किया गया। महानगर में 58 करोड़ रुपये की लागत से 40 हजार एलईटी लाइटें लगाने का प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा गया है।
एक माह में बचेगी 50 फीसदी बिजली
महानगर में 40 हजार एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाए जाने से पचास फीसदी बिजली की बचत होगी। नगर निगम इस समय 37676 प्वाइंटों पर स्ट्रीट लाइट के लिए करीब दो करोड़ रुपये का भारी भरकम बिजली का बिल प्रतिमाह अदा करता है। एलईडी लाइटें लगाए जाने के बाद इस बिल में पचास फीसदी की बचत होगी। बिजली भी पचास फीसदी बचेगी।
कहां से आएंगे 58 करोड़
शासन के लिए जो प्रस्ताव भेजा गया है, उसमें स्पष्ट किया गया है कि एलईडी लाइटों पर 58 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसकी भरपाई पांच साल में प्रति माह एक करोड़ रुपये बिजली के बिल में होने वाली बचत से ऋण के रूप में ईईएसएल को अदायगी कर दी जाएगी। क्योंकि पांच से सात साल तक एलईडी लाइटों पर मेंटीनेंस का कोई खर्चा नहीं आएगा।
अलीगढ़ नगर निगम की तर्ज पर मुरादाबाद
अलीगढ़ नगर निगम की तर्ज पर मुरादाबाद नगर निगम ने भी ईईएसएल से समझौता किया। क्योंकि एलईडी लाइटें लगाए जाने की योजना अलीगढ़ नगर निगम में कामयाब रही है। उसी के अनुसार मुरादाबाद ने भी शासन को प्रस्ताव भेज दिया है, जिस पर जल्द शासन की मुहर लगने वाली है।