मुरादाबाद। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए निर्माणाधीन रिंग रोड का 55 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। बाकी 45 प्रतिशत कार्यों को फरवरी 2026 तक पूरा करने की कोशिश चल रही है। रामगंगा नदी पर पुल और अंडरपास के कार्य लगभग पूरे हो गए हैं।
एनएचएआई शहर के तीन तरफ 33 किमी. परिधि में रिंग रोड का निर्माण करा रहा है। रिंग रोड के लिए रामगंगा नदी पर बनाए जा रहे पुल का 98 प्रतिशत कार्य बरसात के पहले पूरा हो गया है। सिर्फ फिनिसिंग टच देना बाकी है। विभाग के अभियंताओं के लिए पुल काफी चुनौतीपूर्ण था। इसी प्रकार ग्रामीणों की सुविधा के लिए 11 अंडरपास के निर्माण पूरे हो गए हैं। 35 पुलियों में से 34 के निर्माण कार्य पूरे हो गए हैं। इसके अलावा सिरसा मोहन और त्रिलोक नगर में डामर रोड बनाने का काम पूरा हो गया है। अन्य स्थानों पर रोड पर मिट्टी डाली जा रही है। कुल मिलाकर रिंग रोड का करीब 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
तीन आरओबी का निर्माण हुआ तेज
रिंग रोड पर तीन रेलवे ओवरब्रिज भी निर्माणाधीन है। इनमें हकीमपर लोदीपुर बिसनपुर रेलवे लाइन के बीच, अगवानपुर-हरथला रेलवे लाइन के बीच, सेहल हाल्ट और गोट के बीच आरओबी का काम तेजी से चल रहा है। तीनों आरओबी के कार्य जमीनी स्तर पर पूरे हो चुके हैं। प्रतिदिन एनएचएआई के अभियंता आरओबी के कार्यों की माॅनीटरिंग कर रहे हैं।
लाखों वाहन चालकों और सैलानियों को मिलेगी राहत
रिंग रोड पर पंजाब के व्यवसायियों के ट्रक बाईपास होते हुए बिजनौर की तरफ निकल जाएंगे। इसी प्रकार दिल्ली के कारोबारियों को भी रिंग रोड से काफी मदद मिलेगी। इसी प्रकार उत्तराखंड जाने के लिए सैलानियों को अंदर प्रवेश नहीं करना होगा। रिंग रोड के लिए शासन ने 655 करोड़ का बजट निर्धारित किया था। मुआवजे और वन विभाग का बजट निर्माण से अलग है। रिंग रोड निर्माण की कुल लागत 12 सौ करोड़ रुपये है। रिंग रोड का निर्माण कार्य पूरा होने पर भारी वाहन शहर में प्रवेश नहीं करेंगे। साथ ही शहर में जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
एनएचएआई के अभियंताओं की कोशिश है कि रिंग रोड का काम समय से पूरा हो सके। बरसात आने पर काम में थोड़ी बाधा आ सकती है। इसी कारण रोड का काम तेजी से कराने के लिए माॅनीटरिंग चल रही है।- अरविंद कुमार, परियोजना निदेशक, मुरादाबाद एवं गाजियाबाद जोन