इधर, रामपुर में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान बवाल करने वालों की शिनाख्त में प्रशासन पूरी तरह से जुट गया है। आरोपियों के फोटो के प्रमुख चौराहों एवं सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग्स बोर्ड लगाए जा रहे हैं। लोगों से अपील की जा रही है फोटो वालों की पहचान कराएं। उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी। वहीं, जिलाधिकारी ने भी दो टूक शब्दों में कह दिया है कि निर्दोषों को छुआ नहीं जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
21 दिसंबर को हुए बवाल के बाद पुलिस की ओर से तीन मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिसमें हजारों अज्ञात शामिल हैं। अब पुलिस प्रशासन की ओर से आरोपियों की तलाश में पूरी ताकत झोंक दी गई है। सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, फोटो आदि के जरिए लोगों की शिनाख्त की जा रही है। इसके लिए प्रशासन की ओर से पुलिस विभाग के साथ ही अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को भी लगाया गया है। सभी को अलग अलग फोटो दिए हैं, जिसके जरिए लोगों की पहचान कराई जाए।
इसके साथ ही प्रशासन की ओर से बड़े-बड़े होर्डिंग्स बोर्ड आदि भी लगवाए जा रहे हैं, जो शहर में प्रमुख चौराहों एवं सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे इन फोटो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान कराएं, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके। इसमें लोगों को यह भी भरोसा दिलाया जा रहा है कि उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अजयपाल ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में तीन मुकदमें दर्ज किए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कुछ प्रदर्शनकारियों के कुछ राजनीतिक संबंध हैं। इन प्रदर्शनकारियों को पहले से ही बरगला दिया गया था। ऐसे में प्रदर्शनकारियों की शिनाख्त के लिए शहर के चारों ओर पोस्टर, होर्डिंग्स आदि लगाए जा रहे हैं। ताकि, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।