मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा कोतवाली के गांव रतूपुरा में पांच माह पूर्व बीमारी की वजह से मरे 80 वर्षीय बुजुर्ग के सिर का कंकाल रविवार को उनकी कब्र से करीब दो सौ मीटर दूर पड़ा मिला।
बुजुर्ग के परिवार वालों का आरोप है कि उनकी भावनाओं को भड़काने के लिए किसी व्यक्ति ने ऐसा किया है। इसके विरोध में हंगामा किया गया। पुलिस इस मामले को तंत्र मंत्र से जुड़ा मान रही है। शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
गांव रतूपुरा निवासी अब्दुल वहीद (80) की लगभग पांच माह पूर्व बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी। उसका शव गांव के पास स्थित कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया था।
अब्दुल वहीद के पुत्र मोहम्मद असलम का कहना है कि रविवार को सुबह जब वह कब्रिस्तान में पहुंचे तो पिता की कब्र खुली हुई थी। कब्र के अंदर धड़ पड़ा था, सिर गायब था। सिर की कब्रिस्तान में ही काफी तलाश की लेकिन सफलता नहीं मिली।
इसके बाद कब्रिस्तान से बाहर आकर तलाश की तो अब्दुल वहीद का सिर प्रथमा बैंक के पास पुरानी बिल्डिंग के पास मिला। असलम का कहना है कि उसने खोपड़ी को वहां से उठाकर कब्र के पास रख दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने खोदी गई कब्र की जांच की।
ग्रामीणों ने घटना में शामिल असामाजिक तत्वों का पता लगाकर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया। बाद में पुलिस ने खोपड़ी को शव के साथ रखकर दफन कर कब्र को मिट्टी से ढकवाकर बंद कर दिया।
घटना से क्षेत्र में दहशत और सनसनी फैल गई। पुलिस ने मोहम्मद असलम की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। रिपोर्ट में मोहम्मद असलम ने आरोप लगाया है कि अज्ञात लोगों ने उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए यह कार्य किया है।
सीओ विशाल यादव का कहना है कि घटना के पीछे तंत्र मंत्र की आशंका है। शव पांच माह पुराना होने के कारण वह गल गया था और कब्र में सिर्फ कंकाल था।
कब्र के अंदर दफनाए गए शव का सिर (कंकाल) कब्र से बाहर मिला है। ऐसा कैसे हुआ, यह जांच का विषय है। शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामला तंत्र मंत्र से जुड़ा है, किसी ने कोई शरारत की है या फिर इसके पीछे की मंशा कुछ और है। इन तीन एंगल पर जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।’
उदय शंकर सिंह, एसपी देहात