मुरादाबाद। रेलमंत्री और जीएम को ट्वीट के बाद भी लिंक एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रही बीमार महिला को इलाज नहीं मिल पाया। महिला को तेज बुखार था और वह उल्टियां हो रही थीं। मुरादाबाद से लेकर ट्रेन देहरादून तक पहुंच गई, लेकिन कहीं भी उसे इलाज नहीं मिल पाया। देहरादून पहुंचने पर परिजन महिला को रेलवे स्टेशन से सीधे अस्पताल लेकर पहुंचे और उसका इलाज कराया।
महिला यात्री शकुंतला चौहान देहरादून के राघव विहार प्रेम नगर निवासी है। उनके पति महेंद्र सिंह चौहान सेवा निवृत्त शिक्षक हैं। महेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी शकुंतला सोमवार को लिंक एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रही थी। वह इटावा के भरथना से ट्रेन में सवार हुई थी। भरथना से देहरादून की दूरी करीब साढ़े पांच सौ किलोमीटर है। उन्होंने बताया कि शकुंतला अकेली थी और वह बी-2 में सीट संख्या 64 पर सवार थीं। ट्रेन के रवाना होते ही शकुंतला की तबीयत खराब होने लगी। मुरादाबाद आते आते महिला की हालत ज्यादा खराब हो गई और वह उल्टियां करने लगी। तेज बुखार भी आ गया। तब महिला ने अपने पति और परिवार के अन्य सदस्यों को फोन कर इसकी जानकारी दी। तब महिला के पोते देवाशीष चौहान ने रेल मंत्री और उत्तर रेलवे के जीएम, डीआरएम को ट्वीट कर जानकारी दी कि उनकी दादी लिंक एक्सप्रेस में सवार हैं। उनकी तबीयत खराब है। उनका इलाज कराया जाए। महेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रेन मुरादाबाद से देहरादून पहुंच गई, लेकिन सफर के दौरान महिला को कहीं भी उपचार नहीं मिल पाया। महेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रेन सोमवार दोपहर करीब दो बजे देहरादून पहुंची। इसके बाद परिजन शकुंतला को रेलवे स्टेशन से सीधे अस्पताल ले गए और इलाज कराया। इसके बाद फिर देवाशीष ने ट्वीट कर बताया कि देहरादून रेलवे स्टेशन पर भी कोई डाक्टर नहीं पहुंचा है।
जिस वक्त ट्वीट किया गया था, उस वक्त ट्रेन हरिद्वार से रवाना हो चुकी थी, उसके बावजूद भी हमारे कर्मी यात्री से संपर्क में रहे और उन्हें अगले स्टेशन पर डाक्टर और एंबुलेंस मुहैया करा दी जाएगी। लेकिन यात्री ने इलाज कराने से इंकार कर दिया।
तरुण प्रकाश, डीआरएम