दस ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाई गई देशव्यापी हड़ताल को मंगलवार को दो बैंक यूनियन का भी साथ मिला। बैंकों में कामकाज ठप रहने की वजह से दिनभर में करीब दो सौ करोड़ का कार्य प्रभावित रहा। बैंक कर्मचारियों ने पहले बैंक परिसर में प्रदर्शन किया। फिर रैली निकालकर अंबेडकर पार्क पहुंचे और हड़ताल को समर्थन दिया।
आल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन और बैंक एम्पलाइ फेडरेशन ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों ने मंगलवार सुबह से ही बैंक पहुंचकर कामकाज रुकवा दिया। इलाहाबाद बैंक ऑफ स्टाफ यूनियन के संगठन मंत्री मनोज शर्मा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सिविल लाइंस स्थित मंडलीय शाखा में ताला लगा दिया और प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
उन्होंने कहा कि सरकार का मजदूरों को फायदा पहुंचाने वाली नीतियां बनाने की बात कहना, यह बहकावेबाजी है। संविधान के तहत मिल रहे अधिकार मजदूर वर्ग से छीन लिए जाएंगे। इसलिए सरकार की ऐसी नीतियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। दो दिवसीय हड़ताल हो रही है। यदि बात नहीं मानी गई तो अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाएंगे। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, संविदा और आउट सोर्सिंग भर्तियां बंद करने की मांग की।
इसके बाद कर्मचारी पंजाब नेशनल बैंक पहुंचे और वहां पर भी बैंक बंद कराकर केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी कर अंबेडकर पार्क पहुंचे। वहां पर पहले से मौजूद उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ की हड़ताल का समर्थन किया। प्रदर्शन में इलाहाबाद बैंक, यूको बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, ओबीसी, कैनरा बैंक, सिंडिकेट बैंक, आंध्रा बैंक, देना बैंक आदि के कर्मचारी शामिल रहे। इसके कारण बैंकों में लेनदेन प्रभावित हुआ।
अग्रणी बैंक प्रबंधक सतीश कुमार गुप्ता ने कहा कि बैंक के अधिकारी इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं। ऐसे में जरूरतमंद व्यक्ति के कार्य करने के अलावा अन्य बड़े कामकाज हुए हैं। हड़ताल की वजह से बैंक का लगभग दो सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है।