केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बुधवार को मुरादाबाद में कहा कि पार्कों पर कब्जे करके नमाज पढ़ने की छूट किसी को नहीं दी जाएगी। नोएडा पार्क प्रकरण पर एआईएमआईएम प्रमुख असद्उद्दीन औवेसी के बयान की निंदा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि औवेसी पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की आवाज बनने की कोशिश न करें। मंत्री ने कहा कि जो भाषा पाकिस्तान में इमरान बोलता है वही भाषा देश में औवेसी की होती है। देश में चीन की तर्ज पर एक बच्चे के कानून की हिमायत करते हुए मंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ी तो जनसंख्या नियंत्रण कानून के लिए वह अपनी कुर्सी भी दांव पर लगा देंगे।
जनसंख्या समाधान फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि जनसंख्या इसी रफ्तार से बढ़ी तो जल्द देश में गृहयुद्ध के हालात पैदा हो जाएंगे। उन्हाेंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए देश में चीन जैसे सख्त कानून की जरूरत है। नोएडा में पार्क में नमाज पढ़े जाने के मामले में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब कोई कानून आड़े आता है तो औवेसी जैसे लोग धर्म को बीच में ले आते हैं। उन्हाेंने कहा कि कानून हिंदू - मुस्लिम दोनों के लिए बराबर है। मंत्री ने सवाल उठाया कि नमाज पढ़ने के लिए पार्कों पर कब्जे क्यों, नमाज को घर और मस्जिद में जाकर भी पढ़ी जा सकती है। कांवड़ियों के पर फूल बरसाने और नमाज पर रोक लगाने के औवेसी के बयान पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांवड़ियों पर हिंदुस्तान में फूलों की बारिश नहीं होगी तो फिर कहां होगी। उन्हाेंने कहा कि औवेसी नफरत फैलाते हैं और पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं। पाक में आजादी के समय 23 फीसदी हिंदू थे और अब महज एक प्रतिशत रह गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के हिंदुओं ने मुस्लिमों को प्यार से गले लगाया है। यही वजह है कि पाकिस्तान में सैकड़ों मंदिर गिरा दिए गए और भारत में आजादी के बाद लाखों मस्जिदें बनने दी गईं।