उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित ग्राम पंचायत और ग्राम्य विकास अधिकारी की परीक्षा में रविवार को अभ्यर्थी रीजनिंग के सवालों में उलझ गए। नकारात्मक मूल्यांकन की वजह से काफी सोच-समझकर जवाब दिए। दो पालियों में हुई परीक्षा में 14 हजार तीन सौ अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। परीक्षा को लेकर शासन-प्रशासन काफी सजग रहा।
दूसरे दिन की परीक्षा में 40320 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिसमें से 25953 परीक्षा देने आए, जबकि 14367 ने परीक्षा छोड़ दी। पहली पाली में सुबह दस से 12 बजे तक 20160 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसमें से 12699 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 7461 गैरजाहिर रहे। दूसरी पाली में दोपहर तीन बजे से पांच बजे तक 20160 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 13254 ही परीक्षा देने केंद्रों पर पहुंचे। 6906 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। सख्ती की वजह से सभी अभ्यर्थियों का सामान केंद्र व्यवस्थापकों ने क्लॉक रूम में रखवाया था। हाथ की घड़ी और बेल्ट पहनकर जाने की अनुमति भी नहीं दी। परीक्षा के बाद सभी को सामान सौंप दिया। शनिवार की अपेक्षा रविवार को हिंदी भाषा के प्रश्न आसान रहे। इसके अलावा इतिहास और सामान्य ज्ञान के प्रश्नों को भी अभ्यर्थियों ने आसानी से हल कर लिया।