मुरादाबाद। राज्य कर के साथ सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी) की टीम ने मंडल की 51 फर्मों को बोगस करार दिया है। जांच से पता चला कि इन फर्मों ने लगभग 30 करोड़ की सीजीएसटी चोरी की है। इस मामले में टर्न ओवर का पता लगाने के लिए 1500 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। कार्रवाई के डर के चलते दो फर्म मालिकों ने पेनाल्टी के साथ टैक्स जमा कर दिया है।
सेंट्रल जीएसटी मुख्यालय ने डाटा विश्लेषण के दौरान पाया कि मुरादाबाद मंडल में 162 संदिग्ध फर्में पंजीकृत की गई हैं। इनमें रामपुर-मुरादाबाद की लकड़ी फर्में, संभल की मेंथा फर्में, बिजनौर की लोहा फर्मों सहित अन्य प्रकार के सामान की बिक्री कर चुकी हैं। विभाग के अधिकारियों ने वर्तमान सत्र में जांच के दौरान पाया कि रामपुर, अमरोहा, बिजनौर, मुरादाबाद की 51 फर्में बोगस हैं। इन फर्मों से काफी संख्या में लोगों ने खरीदारी की है। साथ ही करीब 30 करोड़ रुपये के टैक्स चोरी की है।
जांच के दौरान सीजीएसटी के अधिकारियों ने बोगस फर्मों के संपर्क में आए 1500 लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही बोगस फर्मों का पंजीकरण कराने वालों के बारे में जानकारी मांगी है। इस बिंदु पर जांच के बाद बोगस फर्मों के असली टर्नओवर का भी पता चल जाएगा। सीजीएसटी के सहायक आयुक्त नवीन खत्री ने बताया कि बोगस फर्मों के आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) को ब्लॉक कर दिया गया है। जांच का दवाब बढ़ने पर दो फर्मों ने पेनाल्टी के साथ टैक्स जमा कर दिया है। इसी प्रकार राज्य कर विभाग ने 75 बोगस फर्मों की जांच की, जिसमें पता चला कि बोगस फर्मों ने करीब 200 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की है।
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एक मोबाइल नंबर से 22 पंजीयन
सहायक आयुक्त ने बताया कि मुरादाबाद के एक व्यक्ति ने मुरादाबाद, रामपुर सहित आठ खंडों में एक मोबाइल नंबर से 22 पंजीयन कराए हैं।। जांच में आया है कि फर्जीवाड़ा करने के लिए उसने पैन कार्ड और आधार कार्ड अलग बनवाए थे लेकिन मोबाइल नंबर नहीं बदला था। इसी आधार पर गड़बड़ी पकड़ी गई। जालसाज ने अभी तक कारोबार नहीं किया था। इस मामले में कार्रवाई करने के लिए मुख्यालय को पूरी रिपोर्ट भेजी गई है।
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सौ पुराने बकायेदारों को नोटिस जारी
मंडल में 2018-19 में सौ से अधिक कारोबारियों ने पूरा टैक्स जमा नहीं किया था। इस मामले में सौ कारोबारियों को नोटिस जारी किया जा रहा है। व्यापारियों के पत्र की सुनवाई के बाद इस मामले में विभाग अंतिम निर्णय लेगा।