ठाकुरद्वारा की सुरजन नगर पुलिस चौकी के इंचार्ज और दरोगा को 50 हजार रुपये की मांग और डिजिटल साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में निलंबित किया गया है। डीआईजी मुनिराज जी को शिकायत मिलने पर एसपी यातायात से जांच कराई गई थी। दोनों कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं।
छेड़खानी के केस से नाम निकालने के लिए 50 हजार रुपये मांगने और डिजिटल साक्ष्य मिटाने के आरोप में ठाकुरद्वारा की सुरजन नगर पुलिस चौकी इंचार्ज अमित कुमार और दरोगा मयंक प्रताप सिंह को निलंबित किया गया है। डीआईजी मुनिराज जी ने शिकायत मिलने पर एसपी यातायात से जांच कराई तो आरोपी सही पाए गए।
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दोनों दरोगाओं के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। ठाकुरद्वारा के गांव निवासी एक व्यक्ति ने 17 फरवरी को ठाकुरद्वारा में लालापुर पीपलसाना निवासी योगेश, उसके भाई गौरव सिंह और सौरव के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
बताया था कि वह 15 फरवरी को क्षेत्र में ही अपनी बहन के घर भात देने गया था। उसके साथ परिवार की महिलाएं भी थीं। आरोप है कि वहां तीनों भाइयों ने उसके साथ मारपीट की और महिलाओं के साथ छेड़खानी की। इस मामले की जांच सुरजन नगर पुलिस चौकी इंचार्ज अमित और ट्रेनी दरोगा मयंक प्रताप सिंह कर रहे थे।
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केस में आरोपी बनाए गए युवकों के पिता हरि सिंह ने डीआईजी मुनिराज जी को प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि चौकी इंचार्ज और दरोगा मयंक ने उनके बेटे गौरव और सौरभ के नाम केस से निकालने के लिए 50 हजार रुपये मांगे हैं।
घटनास्थल का एक वीडियो भी था, जिसमें उसके बेटे छेड़खानी करते नहीं दिख रहे हैं। आरोप है कि दरोगाओं ने वीडियो नष्ट कर दिया। डीआईजी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और एसपी यातायात सुभाष चंद्र गंगवार से जांच कराई।
जांच में 50 हजार रुपये मांगने और डिजिटल साक्ष्य नष्ट करने के आरोप सही पाए गए। डीआईजी मुनिराज जी ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार दोनों दरोगाओं को निलंबित किया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।