अधिकारियों का कहना है कि हर जिले की वोटर लिस्ट से 70 वर्ष से अधिक उम्र वाले बुजुर्गों का विवरण तैयार किया जा रहा है। इसके आधार पर ही जिलेवार सूची जारी होगी। पोर्टल पर सूची अपडेट होने के बाद लोग सीएमओ कार्यालय में जाकर जानकारी ले सकेंगे। आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए सीएमओ कार्यालय व साइबर कैफे दोनों में से किसी भी जगह आवेदन किया जा सकता है। फिलहाल पुरानी वोटर लिस्ट के आधार पर ही आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। इस सूची में 70 वर्ष से अधिक उम्र के 50 हजार से ज्यादा बुजुर्ग शामिल हैं।
- 87 निजी व 29 सरकारी अस्पतालों में मिलेगा लाभ
आयुष्मान कार्डधारकों को जिले के 87 निजी व 29 सरकारी अस्पतालों में निशुल्क चिकित्सा का लाभ मिलेगा। शहर में टीएमयू, सिद्ध अस्पताल, एपेक्स अस्पताल, विवेकानंद अस्पताल, कॉसमॉस अस्पताल समेत कई निजी अस्पतालों व नर्सिंगहोम में मरीज निशुल्क चिकित्सा सुविधा ले रहे हैं। वहीं बिलारी, अगवानपुर, कुंदरकी, पाकबड़ा, मूंढापांडे, ठाकुरद्वारा, कांठ आदि के भी निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड से इलाज की सुविधा है।
- करीब डेढ़ लाख लोगों के नहीं बने आयुष्मान कार्ड
एक ओर जहां आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए लोग दलालों को दो से ढाई हजार रुपये तक दे रहे हैं। वहीं जिले में डेढ़ लाख लोग ऐसे भी हैं जो आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए अब तक आगे नहीं आए हैं। जिले में 13 लाख 62 हजार लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने थे। इनमें से 11 लाख 20 हजार लोग आयुष्मान कार्ड बनवा चुके हैं। शेष बचे लोगों के आधार कार्ड व आयुष्मान सूची में नाम का मिलान न होने, शहर छोड़कर जाने, मृत्यु हो जाने व अन्य कारणों से आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं।
कौन-कौन हैं आयुष्मान कार्ड के पात्र
- जिनका नाम 2011 की जनगणना सूची में हो
- जिनके राशन कार्ड में 2019 से पहले से छह यूनिट हों
- सभी अंत्योदय राशनकार्ड धारक
नोट : सभी पात्रों के नामों की निर्धारित सूची वेबसाइट पर उपलब्ध है।
- पोर्टल पर जिलेवार सूची जारी होते ही बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। तब तक बुजुर्ग किसी के झांसे में न आएं। यदि आपका नाम पुरानी सूची में नहीं है तो आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए किसी को रुपये न दें।
- डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ