कांठ रोड स्थित विवेकानंद अस्पताल में कोरोना का टीका लगवाती महिला ।
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मुरादाबाद। करीब 11 माह से लाइलाज कोविड-19 वायरस से लड़ते कोरोना वारियर्स ने उम्मीद का टीका लगवाकर आशा की किरण बांधी। शनिवार को कोरोना टीकाकरण का शुभारंभ मंगलमय रहा। दो ड्राई रन के बाद शुरू हुआ पहले चरण का टीकाकरण सफर रहा। छह केंद्रों पर 600 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जाना था। 479 हेल्थवर्कर्स ने टीका लगवाया। 121 स्वास्थ्यकर्मी टीकाकरण केंद्रों पर नहीं पहुंचे। जिले में सर्वाधिक उत्साह ठाकुरद्वारा के स्वास्थ्यकर्मियों ने दिखाया। यहां 92 हेल्थवर्कर्स ने टीका लगवाया। जिले में कहीं से टीका लगने के बाद किसी स्वास्थ्यकर्मी की हालत न बिगड़ने की खबर से स्वास्थ्य विभाग खुश है।
मार्च 2019 में कोरोना वायरस की दस्तक के बाद बचाव के लिए वैक्सीन की तलाश शुरू हो गई थी। दूसरी ओर कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ने लगी थी। हर कोई बेसब्री से वैक्सीन का इंतजार कर रहा था। इस इंतजार को खत्म होने में करीब 11 महीने लग गए। शनिवार को टीकाकरण का शुभारंभ किया गया। बरेली से गुरुवार को आई वैक्सीन की पहली डोज छह केंद्रों पर 479 हेल्थ वर्करों को लगाई गई। टीकाकरण के बाद तीस मिनट उन्हें निगरानी में रखा गया, इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों को भेज दिया गया। ये टीकाकरण कुल लाभार्थियों का अस्सी प्रतिशत है। लाभार्थियों में स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक अधिकारी, डाक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ के अलावा लिपिक आदि शामिल रहे हैं। हालांकि किसी कारणवश 121 स्वास्थ्य कर्मी टीकाकरण कराने केंद्रों पर नहीं पहुंचे।
- टीके को लेकर किसी तरह की कोई आशंका, भय या भ्रम नहीं है। महिला अस्पताल में मैंने खुद वैक्सीन की डोज लगवाई। किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। तीस मिनट आब्जर्वेशन में भी रहा। सभी स्वास्थ्य कर्मी बिना किसी झिझक, निश्चिंत होकर टीकाकरण कराएं। साथ ही दूसरे सार्थियों को भी टीकाकरण के लिए प्रेरित करें। हमारे स्वास्थ्यकर्मियों ने कोरोना काल में हर पल आगे रहकर मरीजों की सेवा की है। अब टीकाकरण को लेकर जब सबके मन में डर था तो सबसे पहले हेल्थवर्कर्स ने ही टीका लगवाकर आम लोगों के मन से भी डर खत्म कर दिया है।
- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ
एक नजर टीकाकरण पर
- 600 स्वास्थ्य कर्मियों को छह केंद्रों पर लगाना था टीका, इसमें 365 पुरुष और 235 महिलाएं शामिल थीं
- 479 स्वास्थ्य कर्मियों को लगे टीके, इसमें 289 पुरुष और 190 महिलाएं शामिल रहीं
- 121 स्वास्थ्य कर्मी केंद्रों पर नहीं पहुंचे, इसमें 76 पुरुष और 45 महिलाएं शामिल