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खुद टैक्स नहीं भरते और हमारी पेंशन भी रोक दी

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मुरादाबाद। लोकसभा चुनाव के लिए पार्टियों की ओर से जारी घोषणा पत्र मतदाताओं को रास नहीं आ रहे हैं। बुधवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र पर शिक्षकों ने चुनावी चर्चा करते हुए कहा कि सरकार ने नए कर्मचारियों की पेंशन को समाप्त कर दिया है, जबकि अपने वेतन पर वह टैक्स भी नहीं देते हैं। उन्होंने सरकार से कर्जमाफी के बजाय सब्सिडी प्रदान करने की मांग की।
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संजीव कुमार ने कहा कि पार्टियों के घोषणा पत्र विकास परक कम लोक लुभावने ज्यादा हैं। नए कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली के लिए लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके लिए पुरानी सरकार ने कुछ नहीं किया और नई सरकार के लिए मैदान में उतरे दलों का भी ध्यान नहीं है। विनोद गुप्ता ने कहा कि जनप्रतिनिधि एक दिन के लिए भी सीट पर बैठ जाता है तो उसे पेंशन मिलना शुरू हो जाता है। वजह समाज सेवी नहीं, वेतनभोगी हैं। उनके वेतन में भारी खर्च होता है, जबकि कर मुक्त होने की वजह से राजस्व कुछ नहीं मिलता। पुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि वर्ष 2015-16 से रिक्तियां इंतजार में हैं। आउट सोर्सिंग के बजाय उन पर अनुदेशकों की नियुक्ति की जाए। धीरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने बिना आईटीआई के अधिग्रहण के विद्यार्थियों को प्रवेश दिला दिया। अब विद्यार्थी और शिक्षक दोनों ही परेशान हैं। साक्षी चौधरी ने कहा कि जिस विषय के शिक्षक नहीं हैं, वह विषय भी पढ़ाने पड़ते हैं। इससे शिक्षकों पर कार्यभार भी बढ़ रहा है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उद्देश्य पूर्ण नहीं हो रहा है। सुक्रमपाल सिंह ने कहा कि किसानों को खाद, बीज और उपकरण खरीदने पर सरकार को सब्सिडी देनी चाहिए। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी, जो राष्ट्र निर्माण में सहायक होगी। इस दौरान श्यौवीर सिंह, अजय कुमार प्रजापति, जमीर आलम, आनंद चतुर्वेदी, अभिषेक कुमार सिंह, तिलक सिंह, जाकिर हुसैन अंसारी, एसके हल्दिया, रमेश सिंह, गोपीचंद आदि मौजूद रहे।
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