सहायक अध्यापकों की नियुक्ति का मामला अब एडीएम वित्त की जांच रिपोर्ट पर निर्भर हो गया है। एसडीएम की जांच रिपोर्ट में जिले में 43 शिक्षकों की नियुक्ति में धांधली की पुष्टि होने के बाद भी शिक्षक अलग-अलग ब्लाकों में स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। प्रशासन ने शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाए दोबारा से जांच बैठाई है।
वर्ष 2015-2016 में प्रदेश भर में 15 हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती हुई। इनमें मुरादाबाद जिले में 350 पदों पर भर्ती हुई। काउंसलिंग के बाद 340 पदों पर सहायक अध्यापकों की नियुक्ति हो गई। प्रदेश भर में हुई नियुक्ति पर धांधली के आरोप लगने के बाद प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में जांच बैठा दी। मुरादाबाद में एसडीएम ठाकुरद्वारा को जांच सौंपी गई। एसडीएम ठाकुरद्वारा ने जून में 340 सहायक अध्यापकों के अभिलेखों की जांच की, जिनमें 43 शिक्षकों के दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली। एसडीएम ने 43 शिक्षकों की नियुक्ति की फाइलों को सीज कर जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। जिला प्रशासन ने इस मामले में कार्यवाही करने के बजाए दोबारा से जांच एडीएम प्रशासन को सौंप दी।
एडीएम प्रशासन से जांच अब एडीएम वित्त के पास है। मथुरा और बनारस समेत प्रदेश के कई जिलों में फर्जी दस्तावेजों से नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुके हैं। कई जिलों से शिक्षक फरार हो गए हैं। मुरादाबाद में आरोपी शिक्षक अभी भी डिलारी, मूंढापांडे, ठाकुरद्वारा और मुरादाबाद देहात के स्कूलों में पढ़ा रहे हैं।
- एसडीएम की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर 43 शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही हो जानी चाहिए थी। बीएसए कार्यालय से अभी तक 43 शिक्षकों के दस्तावेज नहीं मिले हैं। जल्द ही जांच पूरी कर दी जाएगी। - प्रीति जायसवाल, एडीएम फाइनेंस