मुरादाबाद। वित्तीय वर्ष केअंतिम सप्ताह में शादी अनुदान योजना का प्रदेश सरकार से भारी भरकम बजट आने से अधिकारी परेशान हैं। समय कम और लक्ष्य अधिक होने के कारण अफसरों को पसीने छूट रहे हैं। इस बजट को ठिकाने लगाने के लिए पांच दिन तक रोजाना 767 जोड़ों का विवाह कराना होगा।
मार्च में सरकारी योजनाओं के वार्षिक लक्ष्य पूरे किए जाते हैं। शासन से आवंटित योजनाओं का बजट मार्च में ठिकाने लगाया जाता है। सरकारी योजनाओं की सहायता राशि आने में गड़बड़ी से अफसर परेशान हैं। शादी अनुदान योजना में लाभ पाने के लिए लोग पूरे साल परेशान रहे। बजट न होने केकारण पिछले सप्ताह तक लाभार्थियों को सरकारी योजना का फायदा नहीं मिल सका। अब 24 मार्च को शासन ने शादी अनुदान योजना का बड़ा बजट एक साथ भेज दिया।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अंजना सिरोही ने बताया कि 24 मार्च को चार करोड़ रुपये शादी अनुदान के लिए मिले हैं। इसमें से एक जोड़े को 20 हजार रुपये की सहायता राशि मिलती है। ऐसे में अल्पसंख्यक वर्ग से ही 2000 जोड़े शादी के लिए 31 मार्च तक चाहिए। पिछड़े वर्ग के जोड़ों के लिए 1.91 करोड़ का बजट मिला है। पहले से ही 45 लाख रुपये मिले थे। पहले मिले बजट को ही पात्र नहीं मिल रहे हैें, नए बजट के लिए 955 जोड़ों की और जरूरत होगी। सामान्य वर्ग के जोड़ों को शादी के लिए 46 और 42 लाख रुपयों की दो किस्त मिली थीं। वह अभी तक खर्च नहीं हो पाई हैं। अब 24 मार्च को फिर से 42 व 46 लाख का बजट मिला है। समाज कल्याण विभाग को सामूहिक विवाह योजना के अतिरिक्त शादी केलिए 880 जोड़ों की तलाश है, जिनका मिलना संभव नहीं है।