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ट्रामा सेंटर के नाम पर मरीजों के सा थ हो रहा मजाक

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मुरादाबाद। जिला अस्पताल में करीब डेढ़ साल से ट्रामा सेंटर बनकर तैयार है। लेकिन यहां ट्रामा सेंटर के नाम पर मरीजों के साथ मजाक हो रहा है। ट्रामा सेंटर में डेढ़ साल में मात्र एक इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति हुई है। इनकी नियुक्ति भी तीन से चार महीने पहले ही हुई है और इनको भी सामान्य इमरजेंसी में लगाया गया है। ऐसे में ट्रामा सेंटर में मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
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ट्रामा सेंटर के लिए 9 सुपर स्पेशलिस्ट डाक्टर के पद स्वीकृत हैं। सेंटर के लिए दो आर्थो सर्जन, दो जनरल सर्जन, तीन इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर और दो एनेस्थेटिक्स चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। इसके साथ ही 15 स्टाफ नर्स, 9 नर्सिंग असिस्टेंट, 3 ओटी टेक्नीशियन, तीन एक्सरे टेक्नीशियन, 2 लैब टेक्नीशियन के पद स्वीकृत हैं। शासन इन पदों पर स्टाफ की नियुक्ति नहीं कर पा रहा। जबकि ट्रामा सेंटर विभाग में ट्रामा सेंटर के मानकों के अनुसार कक्षों का निर्माण हो गया है। लेकिन ट्रामा सेंटर को सामान्य वार्ड में बदल दिया गया है। यहां सामान्य मरीजों को भर्ती किया जाता है। ट्रामा सेंटर के लिए कब सुपर स्पेशलिस्ट तैनात किए जाएंगे इस संबंध में जिला अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं है।

ट्रामा सेंटर में जंक खाएगा 80 लाख का मशीन
ट्रामा सेंटर के लिए हाल ही में पोर्टेबल सीटी स्केन मशीन आई है। इसकी कीमत 80 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मशीन में खास सुविधा यह है कि मरीज को मशीन के पास नहीं ले जाकर मशीन को मरीज के पास ले जाया जा सकता है। ट्रामा सेंटरों में अब इस तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। लेकिन चिकित्सकों के अभाव में यह मशीन भी शोपीस बनकर जंक खाएगी।
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