रेलवे परीक्षा में नकल करते पकड़े गए लोग।
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रेलवे की परीक्षा में मंगलवार को डिवाइस के सहारे पेपर देने आए चार और अभ्यर्थी पकड़े गए। इनके पास से डिवाइस और माइक्रो स्पीकर भी बरामद हुए हैं। परीक्षा हाल में घुसने से पहले ही पकड़ में आ गए। चारों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। मुरादाबाद के जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने रेलवे बोर्ड को परीक्षा निरस्त करने की सिफारिश भेजी है।
टीएमयू में टाटा कंसल्टेंट सर्विसेज की ओर से कराई जा रही रेलवे ग्रुप सी की परीक्षा में सोमवार को छात्र को डिवाइस के सहारे परीक्षा हल करते हुए पकड़ा गया था। उसे परीक्षा में मदद करने आए चार अन्य युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। सोमवार की घटना के बाद मंगलवार को विश्वविद्यालय की ओर से सख्ती बढ़ा दी गई थी। परीक्षा हाल में घुसने से पहल चेकिंग के कर रहे स्टाफ को विशेष इंस्ट्रक्शन भी दिए गए। पहली पाली में चेकिंग के दौरान मोबाइल फोन से बनाई गई डिवाइस के साथ तीन अभ्यर्थी पकड़ में आ गए।
दो अभ्यर्थी सीने पर डिवाइस लगाकर परीक्षा हाल में घुसने की कोशिश में थे। जबकि एक ने माइक्रो स्पीकर कान में लगा रखा था और डिवाइस जूते में रख रखी थी। चेकिंग के दौरान स्टाफ कान भी चेक कर रहे थे। तीसरे युवक के कान में तार देखकर कुछ संदेह हुआ। पूछताछ में उसने कुछ भी नहीं बताया। उसके जूते उतरवाकर देखे तो उसमें डिवाइस रखी हुुई मिली। जबकि तीसरा युवक दोपहर की पाली में पकड़ा गया।
पकड़े युवक जयपाल सिंह निवासी गांव कमाला विशनपुर धामपुर जिला बिजनौर, राजीव कुमार मूडापांडे, रामप्रकाश निवासी जयंतीपुर थाना कटघर मुरादाबाद हैं। तीनों ही युवक गरीब परिवार के हैं। तीनों से अलग-अलग एजेंट ने परीक्षा पास कराने का ठेका तय हुआ था। लेकिन इनका मास्टर माइंड जय सिंह राणा ही है। जय सिंह राणा के भाई गौरव सिंह राणा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इस मामले में अब तक नौ लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।