एक्सिस बैंक के बाहर सिक्योरिट्रांस कंपनी के कर्मचारियों से 33 लाख रुपये की लूट का शनिवार को एसएसपी ने खुलासा कर दिया। इस लूट को नेपाल, भूटान में भी वारदात कर चुके अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के सदस्यों ने अंजाम दिया था। एक आरोपी कानपुर निवासी नरेश को 32 लाख रुपये के साथ हरथला से शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी सहित चार लोग अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
एसएसपी जे रविंद्र गौड ने बताया कि लूट में अब तक पांच के नाम सामने आए हैं। इनमें मनोज, बिजेंद्र ग्वाला, अमर ग्वाला, वीरेन ग्वाला निवासी फाटापुकुर थाना राजगंज जिला न्यू जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल और नरेश निवासी कल्याणपुर जिला कानपुर है। मुख्य आरोपी बिजेंद्र हैं, जिसने इस लूट का ताना बाना बुना था। बिजेंद्र की एक रिश्तेदार की शादी वारदात में शामिल सगे भाई नरेश और मनोज के रिश्तेदार से हुई है, जिसका परिवार हरथला चौकी क्षेत्र में रहता है। कानपुर में एक निजी कंपनी में वह नौकरी करता है।
इस वजह से बिजेंद्र का मुरादाबाद में आना जाना लगा रहता है। बिजेंद्र ने यहां पर आने जाने के दौरान ही लूट की वारदात की साजिश मनोज के साथ मिलकर रची । नरेश को रकम ठिकाने लगाने के लिए चुना गया था। आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के लिए अपने दोस्त वीरेन और अमर को पश्चिम बंगाल से बुलाया। तीन मई को वह दोनों मुरादाबाद पहुंचे और बुद्ध बाजार के एक होटल में कमरा किराए पर लिया।
चार मई को आरोपियों ने लूट की वारदात के बाद शहर से निकलने वाले रास्ते के बारे में जानकारी की, इसके बाद पांच मई को दोपहर सवा दो बजे एक्सिस बैंक के बाहर सिक्योरिट्रांस कंपनी के कर्मचारियों अजय और राहुल से 33 लाख रुपये लूट लिए, वारदात के वक्त बाइक अमर चला रहा था। वीरेन पीछे बैठा था। आरोपियाें के बचाव के लिए उनके पीछे दूसरी बाइक पर बिजेंद्र मौजूद था। वारदात के बाद बदमाश इंपीरियल तिराहे के पास पहुंचे। वहां पर लूट की रकम से भरा बैग बिजेंद्र ने ले लिया और बाइक छोड़कर पैदल ही वहां से भाग निकला। वीरेन और अमर बाइक से पश्चिम बंगाल निकल गए, जबकि बिजेंद्र और मनोज लूट की रकम को लेकर ट्रेन में बैठकर भाग गए।