अंतर्जनपदीय तबादला होकर आए शिक्षकों को नजदीकी स्कूल आवंटित करवाने के एवज में वसूली के आरोपों की मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक ने जांच बैठा दी है। भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों ने बीएसए कार्यालय में तैनात एक लिपिक पर वसूली करने का आरोप लगाया था। मंडलीय निदेशक ने बीएसए से एक सप्ताह के भीतर इसकी जांच कराकर रिपोर्ट तलब की है।
मुरादाबाद जिले में बाहरी जिले से 303 टीचर तबादला होकर आए हैं। अभी तक टीचरों को स्कूल आवंटन नहीं हो सके हैं। भ्रष्टाचार मुक्ति मोर्चा के संयोजक अल्ताफ हुसैन और सह संयोजक बब्बन खान ने बीएसए कार्यालय में तैनात एक लिपिक पर टीचरों से वसूली का आरोप लगाया था। डीएम और मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच कराने की मांग की थी। वसूली आरोप से शिक्षा विभाग में खलबली मची थी। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक संजय कुमार रस्तोगी ने बीएसए योगेंद्र कुमार से मामले की जांच कराकर एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने ब्लाक वार एकल और बंद स्कूलों की सूची भी बंद लिफाफे में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
- मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक की ओर से मामले की जानकारी मांगी गई है। एडी बेसिक को मौखिक रूप से वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है। आरोपों की जांच की जा रही है। - योगेंद्र कुमार, बीएसए
सीडीओ को बनाया प्रभारी
टीचरों को स्कूल आवंटन के लिए चार लोगों की कमेटी गठित की गई है। डीएम इसके अध्यक्ष और बीएसए सचिव हैं। खंड शिक्षा अधिकारी और डायट प्राचार्य को सदस्य बनाया है। डीएम ने सीडीओ को कमेटी का प्रभारी बना दिया है। खंड शिक्षा अधिकारी मीना मनराल ने बताया कि सीडीओ ही काउंसलिंग की तिथि घोषित करेंगे।