मुरादाबाद। कमिश्नर अनिल राजकुमार ने 50 माइक्रोन तक की पॉलिथीन को 24 घंटे में मंडल से बाहर करने के आदेश दिए हैं। वह शुक्रवार दोपहर पॉलिथीन के थोक विक्रेताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत-स्वच्छ भारत अभियान में सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि शासन ने 50 माइक्रोन तक की पॉलिथीन को 15 जुलाई से बंद करने के आदेश दिए हैं। उसके बाद पॉलिथीन का किसी रूप में प्रयोग नहीं होने दिया जाएगा। पॉलिथीन का ट्रांसपोर्टेशन करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी को मिलकर काम करना है। उन्होंने मंडल के सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिए कि हर हाल में पॉलिथीन का रोका जाना सुनिश्चित करें। अपर मंडलायुक्त एसबी तिवारी ने अपील जारी करते हुए कहा कि दुकानदार पॉलिथीन में सामान दे तो उसको स्पष्ट मना कर दें। घर से निकलते समय कपड़े या जूट का थैला साथ लेकर जाएं। इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त उद्योग देशराज गौतम, डिप्टी कमिश्नर वाणिज्य रमाशंकर, प्रदूषण नियंत्रण वैज्ञानिक वीकेराजपूत आदि मौजूद रहे।
एक्सपोर्टर प्रयोग कर सकेंगे पॉलिथीन
एक्सपोर्ट किए जाने वाले सामान की पैकिंग में पॉलिथीन का प्रयोग किया जाएगा। कमिश्नर को अवगत कराया गया था कि एक्सपोर्ट किए जाने वाले सामान की पैकिंग 25 माइक्रोन वाली पॉलिथीन में होती है। इस पर कमिश्नर ने एक्सपोर्ट के सामान की पैकिंग के लिए पॉलिथीन पर प्रतिबंध न होने की बात कही।
पॉलिथीन के राष्ट्र ध्वज पर रोक
कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि किसी हाल में 15 अगस्त पर पॉलिथीन के राष्ट्र ध्वज प्रयोग नहीं हो पाएंगे। इसको रोकने की जिम्मेदारी कालेज प्रबंधकों की होगी। पहले से ही इसका प्रचार करा दिया जाए।
पॉलिथीन पर प्रिंट होगी मोटाई
पॉलिथीन निर्माता कंपनियों को आदेश दिए गए हैं कि 15 जुलाई के बाद आने वाली पॉलिथीन पर कंपनियों को उसकी मोटाई लिखनी होगी। कंपनियों को स्पष्ट करना होगा कि उक्त पॉलिथीन या पॉलिथीन बैग 50 माइक्रोन से ज्यादा की है।
दूध की थैली भी नहीं चलेगी
प्रदूषण नियंत्रण वैज्ञानिक बीके राजपूत ने बताया कि 50 माइक्रोन तक की प्रत्येक प्रकार का पॉलिथीन बंद है, उसमें दूध-दही की पैकिंग भी शामिल है। सार्वजनिक क्षेत्र की दूध निर्माता कंपनी पराग के एसआर राणा ने बताया कि दूध, दही व घी की पॉलिथीन 60 माइक्रोन से ज्यादा की है। ऐसे में फिलहाल इसका प्रयोग किया जाता रहेगा।
अभी नहीं है तैयारी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित नगर निगम या प्रशासन के पास पॉलिथीन की मोटाई नापने की मशीन नहीं है। पालीथिकनोमीटर खरीदने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तैयारियां शुरू कर ी है। यह डिजीटल मशीन आ रही है। फिलहाल अनुमान के आधार पर ही पॉलिथीन पर रोक शुरू की जाएगी।
नगर निगम की तैयारियां पूरी हैं। किसी हाल में पॉलिथीन का प्रयोग नहीं होने दिया जाएगा। अभियान चलाकर चालान काटे जाएंगे। इसके लिए लोगों को जागरूक करने का काम शुरू कर दिया है। पर्यावरण की रक्षा और बच्चों के भविष्य के लिए लोगों के सहयोग की जरूरत है।
अवनीश कुमार शर्मा, नगर आयुक्त