मुरादाबाद। ग्राम पंचायत एवं ग्राम विकास और नगर निकाय स्वास्थ्य अधिकारियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण सोमवार को खत्म हो गया। प्रशिक्षण में 103 अधिकारियों को भारत सरकार के सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग के डीपीए संजीव कुमार ने कहा कि एक अप्रैल से ग्रामीण इलाकों में भी जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण की अनिवार्यता की जा रही है। पंजीकरण सीआरएस वेबसाइट में ऑनलाइन किया जाएगा।
सीएमओ कार्यालय स्थित सभागार में 23 मार्च से प्रशिक्षण शुरू हुआ था। पहले दिन डिलारी, छजलैट, ठाकुरद्वारा ब्लाक के 44 ग्राम पंचायत एवं ग्राम विकास अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। 24 मार्च को दलपतपुर, कुंदरकी और भगतपुर ब्लाक के 47 अधिकारियों ने प्रशिक्षण लिया। सोमवार आखिरी दिन मुरादाबाद, डिलारी, नगर निगम मुरादाबाद, नगर पालिका ठाकुरद्वारा, नगर पंचायत कांठ और नगर पंचायत कुंदरकी के 12 अधिकारियों को सीआरएस की वेबसाइट में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण करने की बारीकियां बताई गईं।
अस्पतालों के लिए भी अनिवार्य होगा जन्म एवं मृत्यु का डेटा फीड करना
डीपीए संजीव कुमार के मुताबिक मुरादाबाद जिले में 82 अस्पताल स्वास्थ्य विभाग को जन्म एवं मृत्यु का मासिक डेटा भेजते हैं। अस्पतालों को भी अब सीआरएस वेबसाइट में जन्म एवं मृत्यु का डेटा लोड करना अनिवार्य होगा। कई अस्पतालों ने डेटा लोड करना शुरू कर दिया है। इसके लिए अस्पताल कर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
भारत सरकार ने सीआरएस वेबसाइट 2001 से शुरू की है। उत्तरप्रदेश में शहरी क्षेत्रों में 2015 से इसकी अनिवार्यता की है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में एक अप्रैल 2018 में इसे अनिवार्यता से लागू किया जा रहा है।
- संजीव कुमार, डीपीए।