रामपुर। आठ साल पहले जमीन के विवाद में हुई प्रधान के पति की हत्या के मामले में जिला सत्र एवं न्यायाधीश की अदालत ने 23 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी दोषियों पर 85-85 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
हत्या व जानलेवा हमले का यह मामला मिलक कोतवाली क्षेत्र के गंगापुर शर्की गांव का है। गांव के निवासी संजीव पांडे की पत्नी सोनू देवी वर्ष 2017 में प्रधान थीं। उनके पति संजीव पांडे व परिवार के अन्य सदस्यों का पड़ोस के गांव के ही कुछ लोगों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
इसी विवाद में 22 जुलाई वर्ष 2017 की शाम को संजीव अपने भाई राजीव, ताराचंद्र, बाबूराम के साथ ट्रैक्टर और कार से अपनी जमीन देखने के लिए गंगापुर शर्की के जंगल गए थे। इस बीच घात लगाए बैठे लोगों ने उन पर फायरिंग कर दी। लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में संजीव और उनके दो भाई घायल हो गए थे।
घटना के बाद घायलों को बरेली ले जाया गया था, वहां इलाज के दौरान संजीव ने दम तोड़ दिया था। इस मामले में पुलिस ने बाबूराम की ओर से 25 नामजद समेत कुल 26 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने तफ्तीश करते हुए 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। सुनवाई के बाद जिला सत्र एवं न्यायाधीश भानु देव शर्मा ने घोसीपुर गांव के 23 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई।