हाथरस में घटना को लेकर गिरफ्तारी देते कांग्रेसी।
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मुरादाबाद। हाथरस में सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद आक्रोशित कांग्रेसियों के हाथरस कूच करने पर बुधवार को पुलिस ने उनको रोक लिया। इंपीरियल तिराहा पर पुलिस कर्मियों से कांग्रेसियों की नोकझोंक हुई। पुलिस ने जिलाध्यक्ष विनोद गुंबर समेत 23 कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर लिया। करीब तीन घंटे तक पुलिस लाइन में रखने के बाद मुचलके पर छोड़ा गया।
हाथरस में दलित युवती के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी जीभ काटने और रीढ़ की हड्डी तोड़ने से देशभर में आक्रोश है। कई दिनों तक मौत से जूझने के बाद युवती ने दिल्ली के अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसके बाद कांग्रेस और सपाई सड़कों पर हैं। मंगलवार शाम कैंडिल मार्च निकालकर पीड़िता को श्रद्धांजलि दी। बुधवार दोपहर 12 बजे कांग्रेसी जिला कार्यालय में एकत्र हुए और करीब साढ़े बारह बजे जिलाध्यक्ष विनोद गुंबर के नेतृत्व में निजी वाहनों से हाथरस कूच के लिए निकल पड़े। एलआईयू की सक्रियता से इसकी भनक पुलिस को लग गई। पुलिस ने इंपीरियल तिराहा के पास नाकेबंदी कर दी। कांग्रेसियों के दोपहर करीब एक बजे इंपीरियल तिराहा पहुंचते ही पुलिस ने उनको रोक लिया।
पुलिस ने कांग्रेसियों को वापस जाने का आग्रह किया। लेकिन कांग्रेसी हाथरस जाने की जिद पर अड़े रहे। इससे पुलिस और कांग्रेसियों के बीच नोकझोंक हुई। कांग्रेसियों ने पुलिस और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने सख्ती बरतते हुए 23 कांग्रेसियों को पुलिस वैन में बैठाकर पुलिस लाइन भेज दिया। गिरफ्तार कांग्रेसियों में जिलाध्यक्ष के अलावा रिजवान कुरैशी, श्यामबाबू वाल्मीकि, कमर सलीम, इकराम अली, राजेश पाल, गंगाराम शर्मा, विश्वास गुंबर, आविद अली, विद्योत्तमा शर्मा, तवस्सुम, भारती त्यागी, नूरी, रेहाना, सुशीला कश्यप, दानिश कुरैशी, अनमोल गुप्ता, फैजान खां मौजूद रहे। कांग्रेसी नेता एडवोकेट अब्बास ने गिरफ्तार कांग्रेसियों के मुचलके भरवाए और शाम करीब चार बजे सभी को रिहा किया गया।