मुरादाबाद। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के साथ चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद भी राजनीतिक दलों में खामोशी है। कोई भी राजनीतिक दल अभी तक प्रत्याशी घोषित नहीं कर पाया है। इससे स्थानीय नेता और कार्यकर्ता असमंजस में फंसे हैं। प्रबल दावेदारों की लखनऊ से दिल्ली तक की दौड़ जारी है। टिकट की होड़ में दावेदार हाईकमान के नेताओं की परिक्रमा कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं में उत्साह जरूर है, लेकिन किसी भी दावेदार एवं उसके गुट के नेताओं के साथ खड़े होने से बच रहे हैं।
बसपा एवं सपा गठबंधन के बाद कांग्रेस को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आखिरी वक्त में कुछ भी संभव हो सकता है। राजनैतिक संभावनाओं पर ही नेताओं और कार्यकर्ताओं भी निगाह टिकी है। मुरादाबाद लोकसभा में तीसरे चरण में 23 अप्रैल को मतदान होना है। 11 अप्रैल को नामांकन होने हैं। इसके बाद भी चुनावी माहौल ठंडा पड़ा है। कांग्रेस से प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर के मुरादाबाद से चुनाव लड़ने की कयासबाजी है। हालांकि, अभी तक पार्टी ने अधिकृत सूची जारी नहीं की है।
सपा एवं बसपा गठबंधन में सीट सपा के खाते में हैं। सपा से आधा दर्जन से अधिक दावेदार हैं। इनमें दो प्रबल दावेदारों की लखनऊ परिक्रमा चल रही है। दावेदार एक दिन लखनऊ तो दूसरे दिन मुरादाबाद नजर आ रहे हैं। भाजपा में भी प्रत्याशी को लेकर अभी तक पत्ते नहीं खुले हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि चुनाव कमल के फूल पर लड़ा जाएगा, इसलिए प्रत्याशी का चेहरा मायने नहीं रखता है। हालांकि, दावेदार लखनऊ से दिल्ली तक की दौड़ में व्यस्त हैं। इससे सभी दलों के नेता एवं कार्यकर्ता खामोश हैं।
चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह है। लेकिन कार्यकर्ता किसी भी प्रबल दावेदार के साथ खड़े होने से बच रहे हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रबल दावेदार एवं उनके करीबी लोग कार्यकर्ताओं की हर गतिविधियों पर भी नजर रख रहे हैं। नेताओं का कहना है कि 15 मार्च तक प्रत्याशियों की घोषणा होने की संभावना है। प्रत्याशी घोषित होने के बाद ही कार्यकर्ता होली से पहले चुनावी रंग में रंगेगे।