उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए सेंटरों का सत्यापन सोमवार से शुरू हो जाएगा। जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की टीमें अलग-अलग सत्यापन करेंगी। परिषद के मानकों पर परीक्षा केंद्र खरे नहीं उतरने पर उन्हें निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी।
यूपी बोर्ड की सात फरवरी से परीक्षाएं होंगी। नकल विहीन परीक्षा कराए जाने के लिए परिषद ने कड़े मानक निर्धारित किए हैं।
परीक्षा केंद्रों पर प्रत्येक कक्ष में दो सीसी कैमरों के साथ वाइस रिकार्डिंग की अनिवार्यता है। केंद्रों पर पेयजल, बिजली, शौचालय, बाउंड्री और मूलभूत सुविधाएं होनी जरूरी हैं। स्कूलों ने मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के बाद परिषद को बोर्ड सेंटर बनाए जाने के लिए आवेदन भेजे थे। बोर्ड ने मुरादाबाद जिले में 121 परीक्षा सेंटर घोषित कर दिए हैं। सेंटरों में 83560 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। पिछले साल 123 सेंटर थे।
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी ने बताया कि सेंटर घोषित होने के बाद अब उनका सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की टीमें अलग अलग करेंगी। सोमवार से सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। टीमें केंद्रों पर परिषद के मानकों को देखेगी। मानक पूरे नहीं होने पर केंद्र को निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी। निरस्त होने वाले सेंटर की जगह दूसरा सेंटर बनाए जाने की संस्तुति परिषद को भेजी जाएगी।