उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय द्वारा संचालित खेल छात्रावास में नए सत्र में प्रवेश के लिए ट्रायल लिया जा रहा है, लेकिन अधिकारियों को महिला खिलाड़ी ढूंढे नहीं मिल रही हैं। स्थिति यह है कि स्टेडियम में विभिन्न खेलों में खिलाड़ियों का पंजीकरण तो है, लेकिन प्रशिक्षक उनको ट्रायल के लिए प्रोत्साहित नहीं कर पा रहे हैं। जिला क्रीड़ा अधिकारी के अनुसार प्रशिक्षकों की नियुक्ति का नवीनीकरण होने के बाद नोटिस दिया जाएगा।
स्टेडियम में संचालित 13 खेलों में 755 खिलाड़ियों में से 142 महिला खिलाड़ी हैं। खेल निदेशालय के निर्देश पर विभिन्न खेलों में जिला स्तर का ट्रायल हो चुका है। इसमें वालीबाल में चार, हाकी में पांच, कुश्ती में एक और हैंडबाल में एक, एथलेटिक्स में एक महिला खिलाड़ी ने मंडल स्तर पर चयन हुआ है। वहीं बैडमिंटन में एक ने ट्रायल दिया है, लेकिन चयन नहीं हुआ। बास्केटबाल, कबड्डी का प्रशिक्षण स्टेडियम में दिया जाता है, लेकिन एक भी खिलाड़ी ने प्रतिभाग नहीं किया है। इसके अलावा तैराकी, तीरंदाजी, जिम्नास्टिक, टेबल टेनिस के ट्रायल में भी महिला खिलाड़ी नहीं पहुंची हैं। क्रीड़ा अधिकारी अनिमेष सक्सेना ने बताया कि ज्यादातर खिलाड़ी समृद्ध परिवारों से हैं। उनके अभिभावक अपने बच्चों को घर पर रखना चाहते हैं। इसके अलावा प्रशिक्षक भी नहीं चाहते हैं कि अच्छे खिलाड़ी छात्रावास में प्रवेश पाएं और उनके यहां का परिणाम दूसरे स्थान से आए। चयन सभी खिलाड़ियों का नहीं होता है, लेकिन ट्रायल में प्रतिभाग होना आवश्यक है। इसलिए सभी प्रशिक्षकों से जवाब मांगा जाएगा।