मुरादाबाद। दिल्ली लखनऊ डाउन लाइन पर शनिवार सुबह जिस जगह ट्रेन हादसा होने से बाल बाल बचा है वहां का एक स्लीपर भी जर्जर मिला है। ट्रेन के कोच जैसे ही यहां से गुजरने शुरू हुए, बीस साल पुरानी पटरी जवाब दे गई। पटरी टूटकर दो भाग में बंट गई थी। दोनों हिस्सों के बीच गैप हो गया था। भैंसिया गांव के सामने से दिल्ली लखनऊ रेल लाइन गुजर रही है। शनिवार सुबह छह बजकर पांच मिनट पर यहां से पार्सल ट्रेन गुजर रही थी। एक स्लीपर कमजोर होने की वजह से पटरी लोड नहीं झेल पाई। जिस कारण पटरी चटक गई थी।
एक गाड़ी गुजरी, दूसरी आने पर मैंने कैप्री को बना लिया झंडी
मुरादाबाद। कटघर के भैंसिया गांव निवासी चंद्रसेन सैनी ने बताया कि रोज की तरह वह शनिवार सुबह भी रेल पटरी के पास अपने पशुओं को चरा रहा था। इसी बीच मुरादाबाद से रामपुर की ओर जा रही मालगाड़ी वहां से गुजरी। मैंने देखा तो पटरी और ट्रेन के पहिये के बीच चिंगारी निकल रही थी। ये मालगाड़ी तो वहां से किसी तरह गुजर गई। कुछ ही देर बाद पार्सल एक्सप्रेस ट्रेन आ गई। मेरे पास न मोबाइल था और न ही कोई कपड़ा था। मेरी नजर अचानक मेरी कैप्री पर पड़ी। मैंने उसे तत्काल उतारा उसे झंडी बनाकर चालक को इशारा दिया। चालक ने भी समझदारी दिखाते हुए ब्रेक लगाकर रोक दी। तब तक कई डिब्बे गुजर चुके थे। चालक अपने केबिन से उतर आए और उन्होंने मेरी पीठ थपथपाई। कहा कि आपकी वजह से हादसा बचा गया है। जबकि पार्सल ट्रेन को दौड़ा रहे विजय सिह ने बताया कि झटका लगने पर मैंने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी थी।
मंडल में प्रमुख रेल हादसे
- 15 अप्रैल 2017 को रामपुर में कोसी नदी के पुल के पास राज्यरानी एक्सप्रेस ट्रेन के आठ डिब्बे पटरी से उतरे
- छह अक्तूबर 2019 में कटघर रेलवे स्टेशन के पास डबल डेकर लखनऊ आनंद विहार एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतरे
- 22 नवंबर 2019 को धमौरा के पास पैसेंजर ट्रेन उतरी से उतरी
- 18 फरवरी 2020 को पैसेंजर ट्रेन का एक डिब्बा बेपटरी