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Moradabad News: छह माह में 20 हजार खाते फ्रीज, 80 करोड़ रुपये फंसे

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मुरादाबाद। दूसरे राज्यों में बैठे साइबर ठग शहर के लोगों के खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोगों को इसका पता तब चलता है जब उनका खाता फ्रीज कर दिया जाता है। छह माह में ऐसे 20 हजार केस आए हैं। जिले की 432 बैंक शाखाओं में इन खातों के फ्रीज होने से ग्राहकों के 80 करोड़ रुपये फंस गए हैं। अब उपभोक्ता बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन खाता अनफ्रीज नहीं हो रहा। कई बैंक साइबर सेल की क्लीनचिट का इंतजार कर रहे हैं तो कुछ ग्राहकों से गारंटर लाने के लिए कह रहे हैं। कई ग्राहक ऐसे हैं जिनके खाते से महीने में महज 15-20 हजार का ट्रांजेक्शन होता है। दूसरी ओर कुछ ऐसे भी हैं जिनके खाते में कई लाख रुपये जमा है। पीएनबी की बुध बाजार शाखा में आए केस के मुताबिक एक व्यक्ति ने अपने मोबाइल के लिए बैक कवर खरीदा। उसने दुकानदार को 120 रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किया। इसके आधे घंटे बाद दुकानदार का खाता फ्रीज हो गया। मोबाइल पर मैसेज आया कि नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से प्राप्त शिकायत के आधार पर खाता फ्रीज किया गया है।
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कोहिनूर तिराहा निवासी तसलीम जहां का खाता बैंक ऑफ बड़ौदा में है। 22 जुलाई को उन्होंने एक गेमिंग एप डाउनलोड किया। उस पर कुछ रुपये निवेश किए। इसके बाद उनका खाता फ्रीज हो गया। बुध बाजार, सिविल लाइंस, ठाकुरद्वारा, दिल्ली रोड स्थित बैंकों की बड़ी शाखाओं में रोजाना औसतन 10 शिकायतें पहुंच रही हैं। इसके अलावा फिनो बैंक, पेटीएम पेमेंट बैंक, एयरटेल स्मॉल बैंक जैसे छोटे बैंकों के खाताधारकों के खाते भी फ्रीज हो रहे हैं। बुध बाजार, सिविल लाइंस, ठाकुरद्वारा, दिल्ली रोड स्थित बैंकों की बड़ी शाखाओं में रोजाना औसतन 10 शिकायतें पहुंच रही हैं। इसके अलावा फिनो बैंक, पेटीएम पेमेंट बैंक, एयरटेल स्मॉल बैंक जैसे छोटे बैंकों के खाताधारकों के खाते भी फ्रीज हो रहे हैं।
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केस एक
- पीएनबी की बुध बाजार शाखा में आए केस के मुताबिक एक व्यक्ति ने अपने मोबाइल के लिए बैक कवर खरीदा। उसने दुकानदार को 120 रुपये का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किया। इसके आधे घंटे बाद दुकानदार का खाता फ्रीज हो गया। मोबाइल पर मैसेज आया कि नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से प्राप्त शिकायत के आधार पर खाता फ्रीज किया गया है।
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केस दो

- कोहिनूर तिराहा निवासी तसलीम जहां का खाता बैंक ऑफ बड़ौदा में है। 22 जुलाई को उन्होंने एक गेमिंग एप डाउनलोड किया। उस पर कुछ रुपये निवेश किए। इसके बाद उनका खाता फ्रीज हो गया।
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432 शाखाओं में हैं करीब सात लाख खाताधारक
जिले में पीएनबी, एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई समेत करीब 29 बैंक हैं। इनकी 432 शाखाएं हैं जिनमें करीब सात लाख खाताधारक हैं। बैंक प्रबंधकों के मुताबिक कई ऐसे खाताधारक भी जिनकी लंबे समय से केवाईसी नहीं हुई है इसलिए उनके खाते फ्रीज हो गए हैं। इसके अलावा एटीएम कार्ड खोने के चलते भी करीब 600 खाते फ्रीज कराए गए हैं जिन खातों दो लाख रुपये से अधिक हैं। इन्हें अनफ्रीज करने के लिए बैंक साइबर सेल की ओर से ई-मेल आने का इंतजार कर रहे हैं।

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जितने खातों में जाती है रकम, सभी हो जाते हैं सीज
साइबर थाने के प्रभारी मनोज परमार का कहना है कि ऐसी शिकायतें अकसर आती हैं। एनसीआरपी पोर्टल की ई-मेल पर भी बैंक खाते को फ्रीज कर देते हैं। यदि किसी ने साइबर ठगी की है और पीड़ित ने फौरन उसकी शिकायत साइबर सेल में कर दी है तो खाते को ट्रेस करने में आसानी होती है। इसके बाद जिन खातों में भी राशि भेजी जाती है, उन्हें फ्रीज कर दिया जाता है। साइबर सेल ने तमाम उपभोक्ता के लाखों रुपये वापस भी कराए हैं।

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लगभग सभी बैंकों में इस तरह की शिकायतें आ रही हैं। पिछले छह माह से यह केस ज्यादा हो गए हैं। अलग-अलग बैंकों ने अपना डाटा सुरक्षित रखा है। कई खातों में लाखों रुपये हैं तो कुछ में दो से तीन हजार रुपये ही हैं।
- पंकज शरण, जिला अग्रणी प्रबंधक
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मेरी ब्रांच में हर दिन 8-10 शिकायतें खाता फ्रीज होने की आ रही हैं। तीन कारणों से खाते फ्रीज हो रहे हैं, जिनमें सबसे बड़ा कारण साइबर फ्रॉड है। जो लोग फौरन बैंक या साइबर सेल को सूचित करते हैं कई बार उनकी रकम बच जाती है।
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- अश्विनी प्रताप, प्रबंधक, पीएनबी
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