स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की अनदेखी से देहात से लेकर शहर की गलियों तक झोलाछाप मौत बांट रहे हैं। रविवार को मझोला थाना क्षेत्र के मोहल्ला जयंतीपुर में एक ऐसी ही झोलाछाप डाक्टर ने दो नवजात शिशुओं की जान ले ली। बिना डिग्री धड़ल्ले से नर्सिंग होम चला रही झोलाछाप नाजिया परवीन ने रविवार को दो महिलाओं का प्रसव कराया और जन्में दोनों नवजात बच्चों को इंजेक्शन लगा दिए। इंजेक्शन लगते ही दोनों नवजात शिशुओं ने दम तोड़ दिया।
इसके बाद भड़की भीड़ ने नर्सिंग होम में जमकर तोड़फोड़ की और हंगामा किया। बवाल बढ़ा तो झोलाछाप खिसक गई, पुलिस ने उसकी दुकानों को सील करके झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जयंतीपुर में झोलाछाप नाजिया परवीन स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की मेहरबानी से बिना किसी डिग्री के पिछले कई साल से शिव मंदिर वाली गली जयंतीपुर में धड़ल्ले से सिद्दीकी जच्चा बच्चा केंद्र नर्सिंग होम चला रही है।
यहां वह हर रोज महिलाओं का चेकअप करती है और उन्हें दवाईयां देती है। प्रसव भी कराती है। करुला पीर का बाजार बड़ी मसजिद निवासी फरदीन पुत्र सफरुद्दीन अपनी पत्नी शबनम को लेकर प्रसव कराने सिद्दीकी जच्चा बच्चा केंद्र पर पहुंचा था। फरदीन का आरोप है कि गलत दवाएं और इंजेक्शन देने की वजह से बच्चे की पेट में ही मौत हो गई। मीना नगर निवासी सुहेल खुर्शीद भी अपनी पत्नी को लेकर यहां प्रसव कराने पहुंचे थे।
उनके नवजात शिशु की भी गलत इंजेक्शन देने की वजह से मौत हो गई। पैदा हुए शिशु की तबियत कुछ गड़बड़ थी तो नाजिया परवीन ने इंजेक्शन लगा दिए। इंजेक्शन लगते ही नवजात शिशु की मौत हो गई। बच्चों के मरने से नाजिया घबरा गई और उसने परिजनों को सच बताने के बजाए बच्चों को उनसे दूर इलाज के बहाने रखवा दिया। जब काफी देर तक बच्चों के शरीर में हलचल नहीं हुई तो परिजनों ने बच्चों को छूकर देखा, बच्चे मर चुके थे।
इस पर परिजन भड़क गए और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। मौका देख झोलाछाप नाजिया परवीन मौके से फरार हो गई। भड़की भीड़ ने उसकी दुकान में तोड़फोड़ कर दी। बवाल की सूचना पर मझोला पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने भीड़ को शांत कराने के बाद नाजिया की दुकानों को सील कर दिया। फरदीन निवासी जयंतीपुर की तहरीर पर झोलाछाप डा. एम हनीफ सिद्दीकी, डा. अंजुम हनीफ और डा. नाजिया परवीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।