छात्र एवं छात्राओं को स्वेटर वितरण में भले ही 100 फीसदी स्कूल कवर हो गए हैं, लेकिन 1551 बच्चों को अभी तक स्वेटर नहीं मिले हैं। बीएसए कार्यालय के स्वेटर वितरण के आंकड़े पोर्टल पर दर्ज होने पर निदेशालय ने बीएसए से जवाब मांगा है। 1551 बच्चों को स्वेटर क्यों नहीं बांटे गए, बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों से ब्लाकवार जानकारी मांगी है।
शीतकालीन सत्र में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को स्वेटर बांटे जाते हैं। इस साल स्वेटर वितरण नवंबर माह से शुरू हुआ है। जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के 1726 स्कूल हैं। स्कूलों में 163732 छात्र एवं छात्राएं पंजीकृत हैं। शासन ने छात्र संख्या के आधार पर स्वेटर खरीद के लिए 14988900 रुपये का बजट स्वीकृत किया है। 45 फीसदी बजट स्कूलों को जारी हो चुका है। स्कूलों में स्वेटर वितरण के आंकड़े बीएसए कार्यालय ने पोर्टल पर दर्ज किए हैं। आंकड़ों के मुताबिक 162141 बच्चों को स्वेटर वितरण हो चुके हैं। आंकड़ों के मुताबिक कुल छात्र संख्या की तुलना में 1551 बच्चों को अभी भी स्वेटर नहीं बंटे हैं। जबकि कार्यालय ने स्वेटर वितरण में सभी स्कूल दर्शाए हैं।
कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। इसके चलते स्कूल सुबह नौ के बजाए दस बजे खुलने लगे हैं। 10 बजे भी बच्चे ठिठुरते स्कूल जा रहे हैं। ऐसे में निदेशक ने स्वेटर वितरण के आंकड़ों की समीक्षा कर 1551 बच्चों की जानकारी मांगी है। बच्चे किन स्कूलों में पंजीकृत और स्वेटर क्यों नहीं बांटे गए हैं, तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए हैं। निदेशक ने कहा कि डेटा आधा अधूरा फीड है या फिर तकनीकी खामी है, इसकी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए। बीएसए कार्यालय ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से स्वेटर वितरण की रिपोर्ट तलब की है, ताकि पोर्टल पर आंकड़े अपडेट करने के साथ निदेशालय को जारी किए जा सकें। हालांकि, बीएसए कार्यालय भी इस मामले में अभी कोई जवाब देने की स्थिति में नहीं है।