मीजल्स रुबेला (एमआर) टीकाकरण अभियान का लक्ष्य पूरा नहीं होने से अपर स्वास्थ्य निदेशक से लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी को मंगलवार को अपनी टीमों के साथ फील्ड में उतरना पड़ा। स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग की टीमों ने टीकाकरण में पिछड़े स्कूलों और मदरसों का जायजा लिया। स्कूल एवं मदरसा प्रबंधन के साथ अभिभावकों को टीकाकरण के फायदों की जानकारी दी गई। इसके बाद भी स्कूलों में शत प्रतिशत टीकाकरण नहीं हो सका। 31 जनवरी तक जिले में शत प्रतिशत टीकाकरण पूरा कराने का लक्ष्य जारी किया है।
मुरादाबाद जिले में 1196345 बच्चों को टीका लगाया जाना है। इनमें करीब 83 फीसदी टीकाकरण हुआ है। टीकाकरण अभियान में शहरी क्षेत्र गांवों की तुलना में पीछे है। एनएचएम के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से अभियान दम तोड़ चुका है। टीकाकरण का प्रतिशत कम होने वाले 24 स्कूलों और मदरसों को चिह्नित कर नोटिस भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के शेड्यूल से चिह्नित मदरसों और स्कूलों में टीकाकरण कराने टीमें पहुंच रही हैं। अभिभावक बच्चों को टीका लगाने को तैयार नहीं है। कई अभिभावक शेड्यूल के दिन बच्चों को स्कूल ही नहीं भेज रहे हैं। इससे टीमों को वापस लौटना पड़ रहा है। मंगलवार को अपर निदेशक स्वास्थ्य, मुख्य चिकित्साधिकारी, बेसिक अधिकारी को मैदान में उतरना पड़ा। चिह्नित स्कूलों में पहुंचकर टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। टीम में एबीआरसी राहुल शर्मा, संकुल प्रभारी धर्मवीर, डा. एससी मिश्रा, डब्ल्यूएचओ की डा. संजीदा नूर शामिल रही।
विरोध का विडियो वायरल
अभिभावकों के टीकाकरण के विरोध का एक विडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। अभिभावकों का कहना है कि उनकी मर्जी के बगैर बच्चों को टीका नहीं लगाया जाएगा। टीका लगाने से बच्चों के बीमार होने की घटनाएं हुई हैं।
हड़ताल जारी, संविदा कर्मी लखनऊ कूच
मुरादाबाद। नेशनल हेल्थ मिशन के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार मंगलवार भी जारी रहा। जिले भर के संविदा कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया। देर शाम कर्मचारी का एक प्रतिनिधिमंडल लखनऊ कूच कर गया। लखनऊ में बुधवार को प्रदेश स्तरीय धरना एवं प्रदर्शन है।
चार सूत्रीय मांगों के समर्थन में संविदा कर्मी पिछले सोमवार से कार्य बहिष्कार पर हैं। संविदा डाक्टरों से लेकर कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हैं। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इसका सबसे अधिक असर है। कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय पर डेरा डाला है और रोजाना धरने पर बैठ रहे हैं। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजीजुर्रहीम ने कहा कि चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह बाधित होने के बाद भी सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। बुधवार को लखनऊ ईको पार्क में प्रदेश स्तरीय धरना एवं प्रदर्शन है। इसमें सभी जिलों से कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल शामिल हो रहा है। मुरादाबाद से भी प्रतिनिधिमंडल दो बसों में भरकर लखनऊ रवाना हो गए। धरने पर महामंत्री विपिन भट्ट, डा. आरिफ खान, कौशल किशोर, बीना, कल्पना, गौरव, प्रमोद कुमार, महेंद्र सिंह और रघुवीर समेत कई लोग मौजूद रहे।