दिसंबर बीतने के साथ ही सर्दी का असर बढ़ता जा रहा है। बिना कोहरा छाए भी तापमान में गिरावट शुरू हो गई है। सोमवार को धूप खिलने के बावजूद शीतलहर की वजह से कंपकंपी बंधी रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी चार-पांच दिन तक ऐसी ही स्थिति बनी रहने की संभावना है।
पश्चिमी हवाएं चलने से वातावरण में कोहरा नहीं छा पा रहा है, लेकिन इससे धूप का असर भी नहीं हो रहा है। सोमवार को अधिकतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस था। रात में ठंडी हवाएं चलने से मौसम में ठिठुरन बनी रही। हालांकि बुधवार सुबह में सूरज भी समय से निकल आया था, लेकिन हवाओं की वजह से धूप में तपिश नहीं हो सकी। राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी निसार अहमद अंसारी ने बताया कि अधिकतम तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान में .7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस रहा। उन्होंने बताया कि वातावरण में 15 से 20 किलो मीटर प्रति घंटे के हिसाब से पश्चिमी हवाएं चल रही हैं। इससे सुबह के समय आर्द्रता 82 फीसदी थी जो शाम को 53 फीसदी रह गई। पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि तापमान में गिरावट पश्चिम से आने वाली सूखी हवाओं की वजह से है। हवाएं ठंड लेकर आ रही हैं। यह अगले चार-पांच दिन तक हवाएं ऐसी ही रहेंगी। मध्यम कोहरा और ठंड इसी तरह से रहेगी। बैंगन, आलू, मिर्च, टमाटर आदि की फसलों पर पाला का असर हो सकता है। इसके अलावा दलहन, गन्ने, सरसों को नुकसान पहुंच सकता है। पूर्वानुमान के हिसाब से 21 जनवरी तक सामान्य से ज्यादा ठंड बनी रहेगी।