नगर निगम के स्वच्छता सम्मान समारोह में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। सफाई नायकों ने निगम अफसरों पर सम्मान के नाम पर बेइज्जत करने का आरोप लगाते हुए माइक छीन लिया। इनका कहना था कि अफसरों ने पार्षदों व अन्य लोगों को तो ट्राफी और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया है, जबकि स्वच्छता अभियान में जमीन पर काम करने वाले सफाई नायकों को टोपी पहना दी गई। हंगामा बढ़ा तो नगर आयुक्त को मंच से एलान करना पड़ा कि ट्राफी कम थीं, सभी के घर भिजवा दी जाएंगी।
नगर निगम की ओर से स्वच्छता मित्रों और स्वच्छता समितियों के सदस्यों को सम्मानित करने के लिए पीली कोठी स्थित एक शिक्षण संस्थान में कार्यक्रम आयोजित किया था। कार्यक्रम में स्वच्छता समिति के सदस्य पार्षदों, समितियों के अध्यक्षों और विभिन्न स्कूलों के छात्रों को सम्मानित किया गया। इनको स्वच्छता मित्र का प्रमाण पत्र और एक ट्राफी दी गई। उसके बाद सफाई नायकों को सम्मानित किया गया। उनको केवल टोपी पहनाई गई। यह देखकर सफाईकर्मी और नायक भड़क गए। उन्होंने जमकर शोर शराबा किया और मंच पर चढ़कर सम्मान के बजाय अपमान करने का आरोप लगाने लगे। वह एक समान ट्राफी व प्रमाण पत्र की मांग कर रहे थे। यह देखकर महापौर विनोद अग्रवाल और नगर आयुक्त अवनीश कुमार शर्मा ने उनको शांत किया। सफाई नायकों को भरोसा दिया गया कि उनको ट्राफी और प्रमाण पत्र दिया जाएगा। आनन-फानन में कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
कार्यक्रम का आयोजन अचानक किया गया था। ऐसे में ट्राफी और प्रमाण पत्र तैयार नहीं हो पाए थे। हंगामा नहीं हुआ था। सफाई नायक निगम परिवार के सदस्य हैं। वह अपनी बात कह रहे थे। समझाने पर शांत हो गए। - विनोद अग्रवाल, महापौर।