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मूल्य असंतुलन किसानों के साथ छलावा

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मुरादाबाद।
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भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष राजवीर जादौन का मानना है कि पैदावार का मूल्य असंतुलन किसानों का छलावा है। इसके चलते ही बिचौलिए मालामाल होते जा रहे हैं और किसान बदहाल। पैदावार का मूल्य निर्धारित करने के साथ ही बिचौलियों का मुनाफा भी तय करना होगा। सरकार उत्पादक और उपभोक्ताओं को बिचौलियों के हाथों लुटने के लिए नहीं छोड़ सकती है। वह रविवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि पश्ुापालक से दूध 28 से 30 रुपये लीटर लिया जा रहा है, जबकि डेयरियां उपभोक्ताओं को 55 रुपये लीटर बेच रही है। इस पर डेयरियों की लागत मात्र सात-आठ रुपये होगी। पैदावार के समय आलू सात रुपये किलो बिका, जबकि कोल्ट स्टोर में रखने पर बिचौलियों का 24 रुपये किलो हो गया। पैदावार के समय गेहूं का मूल्य बाजार में 15 सौ रुपये क्विंटल दिया गया, अब बिचौलिए दो हजार रुपये क्विंटल बेच रहे हैं। यही हाल ज्यादातर पैदावार का है।
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जब कम पैदा होने के बावजूद 1947 में 80 फीसदी किसानों पर कर्ज नहीं था तो पैदावार बढ़ने पर 2018 में 99 फीसदी किसान कर्जदार कैसे हो गया। किसानों का गन्ने का भुगतान कई साल तक नहीं हो रहा है, जबकि बैंक कर्ज और बिजली बिल पर उसको ब्याज देना पड़ रहा है। अब इसको कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि अब भाकियू किसान को इतना जाग्रत करने के लिए निकली है कि कोई उसका शोषण न कर सके। किसान आयोग का गठन करके अन्नदाता को बचाना चुनौती है। इसके लिए आरपार की लड़ाई का एलान किया गया है। इस मौके पर महेंद्र सिंह रंधावा, नीटू चौहान, डा. नौ सिंह और ऋषिपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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