ईरान को एक्सपोर्ट का रास्ता साफ हो गया है। यूएस डॉलर को छोड़ बैंक बाकी सभी करेंसी स्वीकार करेंगे। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन्स की शिकायत के बाद इंडियन बैंक एसोसिएशन ने बैंकों को निर्देश दिए हैं। अभी तक बैंक ईरान से रुपये के अलावा बाकी किसी भी करेंसी में भुगतान लेने को तैयार नहीं थे। मुरादाबाद से ईरान को हर साल करीब 400 करोड़ रुपये का निर्यात होता है। लेकिन पेमेंट का मुद्दा उलझने की वजह से निर्यातक ऑर्डर डिलीवर नहीं कर पा रहे थे।
यूएस ने ईरान पर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर रोक लगा रखी है। जिसकी वजह से उसके डॉलर में लेनदेन पर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रोक लगी है। पिछले कुछ सालाें में ईरान के बायर्स की रुचि मुरादाबाद के पीतल उत्पादों में बढ़ी है। निर्यातकों का कहना है कि ईरान में व्यापार की अच्छी संभावनाएं हैं। ईरान के बायर्स एडवांस पेमेंट के लिए भी तैयार रहते हैं। लेकिन प्रतिबंधों की वजह से ईरान से रुपये को छोड़ बाकी किसी भी करेंसी में भुगतान को भारतीय बैंक स्वीकार नहीं करते। मुरादाबाद के निर्यातकों ने ईरान को पिछले साल करीब 500 करोड़ रुपये का निर्यात किया था। लेकिन आरबीआई ने उनके जीआर वन फार्म क्लियर नहीं किए। बाद में ऐसे निर्यातकों के खिलाफ जांच भी बैठा दी गई थी जिनके जीआर वन फार्म क्लियर नहीं थे।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स इस मुद्दे को इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए), आरबीआई और फॉरेन एक्सचेंज डीलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (फिडाई) के सामने रखा था। जिसके बाद आईबीए ने बैंकों को निर्देश जारी किए हैं कि यूएस डॉलर के अलावा बाकी सभी करेंसी में भुगतान स्वीकार किया जाएगा। निर्यातकों का कहना है कि इससे ईरान के साथ निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।