एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने अगले शैक्षिक सत्र से एलएलबी की प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार कालेज अपने स्तर से मेरिट बनाकर छात्रों के दाखिले करेंगे।
विश्वविद्यालय ने प्रवेश समिति की बैठक में एलएलबी में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को 16 अप्रैल से विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर आनलाइन पंजीकरण कराने के आदेश जारी किए हैं। इसके बाद वह उसका प्रिंट लेकर कालेज में जमा करेंगे। कालेज अपने स्तर से मेरिट बनाकर प्रक्रिया पूरी कराएंगे। मुरादाबाद में केजीके कालेज एलएलबी कराने वाला इकलौता अशासकीय कालेज है। यहां 20 वर्ष से प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होते आ रहे है। एमएससी की तरह छात्र विवि में काउंसलिंग कराने के बाद कालेजों में प्रवेश के लिए पहुंचते थे, जबकि निजी कालेज बिना प्रवेश परीक्षा के अपने स्तर से मेरिट बनाकर प्रवेश देते थे। आठ-नौ साल पहले अशासकीय कालेजों ने इसका विरोध किया था। शिक्षकों ने बताया कि अभी तक प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए अभ्यर्थी के स्नातक में कम से कम 45 फीसदी अंक होना अनिवार्य था। इसमें स्नातक में प्रवेश के लिए इंटरमीडिएट के बाद अधिकतम तीन वर्ष का अंतराल और परास्नातक में प्रवेश के लिए स्नातक से दो वर्ष के अंतराल की बाध्यता नहीं थी। ऐसे में बहुत से अभ्यर्थियों की पढ़ाई में दस से 15 वर्ष का भी अंतराल होता है। अब यदि मेरिट बनती है तो इनके शैक्षिक प्रमाण पत्र के सत्यापन में परेशानी आने की संभावना है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और लखनऊ विश्वविद्यालय में लॉ के प्रवेश का जो नियम कहता है, उसी के हिसाब से यहां पर भी प्रवेश होंगे।
प्रो. अनिल शुक्ल, कुलपति, एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय।