अपने ही गांव में नहीं मिली पनाह, रेलवेे स्टेशन पर बिताई रात
क्रासर
- परिवार से मिलने को पुलिस अभिरक्षा से भागा था बंदी
- परिजन नहीं मिले तो हकीमपुर रेलवे स्टेशन पर बिताई रात
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। कचहरी में पेशी के दौरान पुलिस कर्मियों को चकमा देकर भागा बंदी चौबीस घंटे से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के हत्थे चढ़े बंदी ने बताया कि पिछले डेढ़ साल से परिजनों ने उससे कोई मुलाकात नहीं की थी। उसके केस में फैसला आने वाला है। वह परिवार से मिलने के लिए पुलिस अभिरक्षा से भागा था। लेकिन परिजन घर नहीं मिले तो उसने हकीमपुर रेलवे स्टेशन पर रात बिताई और सुबह गांव जाने लगा। इसी दौरान उसे पुलिस ने दबोच लिया।
एसपी सिटी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि छजलैट थानाक्षेत्र के नजराना गांव निवासी कपिल कुमार(25) पुत्र महीपाल सिंह को बलात्कार के आरोप में 27 मई 2014 को जेल भेजा गया था। मंगलवार को कोर्ट में कपिल की पेशी थी। कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस कर्मी चेत प्रकाश, देव प्रकाश, अशोक कुमार और हरवीर उसे लेकर सेशन हवालात की ओर जा रहे थे। इसी दौरान कपिल पुलिस कर्मियों को चकमा देकर भाग गया था। बुधवार सुबह कपिल हकीमपुर रेलवे स्टेशन से अपने गांव की ओर जा रहा था। इसी दौरान पुलिस ने घेरा बंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ करने पर उसने बताया कि पिछले डेढ़ साल से परिजन उससे मिलने नहीं आये थे। इसी लिए उसने भागने का प्लान बनाया था। वह गांव पहुंचा तो घर पर ताला लगा हुआ था। आस पड़ोस के लोगों ने भी उसे अपने पनाह नहीं दी। इसके बाद वह रेलवे स्टेशन पर पहुंच गया और यहां उसने रात बिताई। सुबह दोबारा गांव जा रहा था कि रास्ते में पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस ने बुधवार सुबह उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
ऑटो वाले से बोला, जेल से भागकर आया हूं
मुरादाबाद। कपिल ने बताया कि जब कचहरी से भागा तो सीधा कांठ रोड पर पहुंचा। पीली कोठी से वह टैंपो में बैठ गया। अगवानपुर चौराहे पर चालक ने उससे रुपये मांगे तो उसने बताया है कि वह जेल से भागकर आया है। लोगों ने उसे मानसिक रोगी समझा और बिना किराया लिए ही जाने दिया।
‘मौका मिलता तो फंसाने वालों की हत्या कर देता’
मुरादाबाद। कपिल ने बताया कि उसने परिवार से मिलने के लिए भागने की प्लानिंग बनाई थी। वह गांव में पहुंचा तो परिजन नहीं मिले। उसने सोचा कि जिन लोगों ने मुझे केस में फंसा है उनकी हत्या कर दूं। उसने पीड़िता और उसके परिजनों की तलाश की। लेकिन हिम्मत नहीं कर पाया। इसके बाद सीधे रेलवे स्टेशन पर चला गया।
-------------------