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मालगाड़ियां दौड़ाने को रोक दीं यात्री गाड़ियां

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मुरादाबाद। रेलवे ने फिर मालगाड़ियां दौड़ाने को यात्री गाड़ियां रद्द कर दीं। ये ट्रेनें पंद्रह अप्रैल तक बंद रहेंगी। कोयला ढोने के लिए ट्रैक को खाली किया गया है। कमाई के चक्कर में रेलवे लगातार यात्रियों को परेशानियां बढ़ाता जा रहा है। चार माह से ज्यादा समय से दो दर्जन से ज्यादा ट्रेनें रद्द चल रही हैं। अब डबल डेकर और राज्यरानी जैसी प्रमुख गाड़ियां भी रद्द कर दीं।
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पिछले साल दिसंबर माह में रेलवे ने कोहरा बताकर दो दर्जन से ज्यादा ट्रेनों को जनवरी माह तक रद्द कर दी थी। पांच छह दिन छोड़ दिए जाएं तो पूरे सीजन कोहरा तो इतना नहीं आया। इसके बावजूद भी ट्रेनों को रद्द रखा गया। जबकि मालगाड़ियां खूब दौड़ती रहीं। जनवरी माह में ट्रेनों का निरस्तीकरण और बढ़ा दिया गया है। 31 मार्च तक 30 से ज्यादा ट्रेनें रद्द रखी गईं। कुछ ट्रेनों को चालू कर दिया गया है। लेकिन एक अप्रैल से पंद्रह अप्रैल तक दस और ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। सूत्रों का दावा है कि कोयला ढोने के लिए यात्री गाड़ियां रोकी गई हैं। बताया जा रहा है काफी कोयला इकट्ठा हो गया है। जिसे बारिश पहले ढोना है। इसी लिए ट्रेनों को रद्द किया गया है। डीआरएम अजय कुमार सिंघल ने बताया कि पंद्रह अप्रैल तक 15 अप्रैल तक कुछ ट्रेनों का रद्द किया गया है। पहले के मुकाबले मालगाड़ियां की संख्या बढ़ाई है। ये रेलवे का निर्णय है।


पैसेंजर गाड़ियां बंद करने की तैयारी
मुरादाबाद। रेलवे पैसेंजर ट्रेनों को बंद करने की तैयारी कर रहा है। इन ट्रेनों के लिए मेट्रो ट्रेन की तर्ज पर तैयार की गई मेमू ट्रेनों को दौड़ा जाएगा। इस ट्रेन का ट्रायल पिछले दिनों मुरादाबाद मंडल में किया गया था। ट्रायल सफल रहा। रेल सूत्रों का दावा है कि फैक्ट्रियाें में पैसेंजर ट्रेनों के डिब्बों का उत्पादन कम कर दी गई है, जबकि मेमू ट्रेनों के उत्पादन में बढ़ोतरी गई गई है। आने वाले समय में ये ट्रेनें ही दौड़ती नजर आएंगी। इन ट्रेनों के आने से यात्रियों को सहूलियत तो मिलेगी साथ ही इलेक्ट्रिक इंजन से ये गाड़ियां चलाई जाएगी। जिससे समय की बचत होगी और प्रदूषण भी कम होगा। जिससे वातावरण भी ठीक रहेगी।
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रोडवेज बसों की कमी से बढ़ी दुश्वारियां
मुरादाबाद। रोडवेज बसों के चुनाव में चले जाने से यात्रियों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। जो बसें बची हैं। उनमें भी बैठने तक की जगह नहीं मिल पा रही है। मजबूर होकर लोग दूसरे वाहनों में बैठकर यात्रा कर रहे हैं। मुरादाबाद परिक्षेत्र से अब 26 बसों को चुनाव में भेज दिया गया है। इसके अलावा अन्य डिपो और अन्य मंडलों की बसें भी चुनाव में भिज दी गई। जिससे यात्रियों की दुश्वारियां बढ़ गईं हैं। आने वाले समय में और ज्यादा परेशानियां बढ़ने वाली हैं।
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