अंतर्जनपदीय तबादले में मुरादाबाद आने वाले 28 शिक्षकों को आचार संहिता लागू होने से पहले ही आनन फानन में शुक्रवार को तैनाती मिल गई। मनमाफिक स्कूल आवंटित नहीं होने से शिक्षक करीब सात महीने से अवकाश पर चल रहे थे। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को नजदीकी स्कूल आवंटन कर तैनाती दे दी है।
जून 2018 में 305 सहायक अध्यापक अंतर्जनपदीय तबादला होकर मुरादाबाद जिले में पहुंचे थे। प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में काउंसलिंग कर अंतर्जनपदीय शिक्षकों को स्कूलों का आवंटन किया गया। अगस्त पहले सप्ताह में वरिष्ठता क्रम में स्कूल आवंटित किए गए। इनमें 28 शिक्षकों ने स्कूलों में तैनाती नहीं ली। शिक्षकों का कहना था कि स्कूल काफी दूर आवंटित हुए हैं। शिक्षा विभाग के दबाव के बाद भी शिक्षक अवकाश पर चले गए। शिक्षकों ने जनप्रतिनिधियों और जिलाधिकारी से गुहार लगाई और नजदीकी स्कूल आवंटन की मांग की। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी से शिक्षकों की समस्या का निरस्तारण करने के आदेश दे दिए। मुख्य विकास अधिकारी ने 19 फरवरी को शिक्षकों से प्रत्यावेदन मांगे।
शुक्रवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने सभी शिक्षकों की उनके प्रत्यावेदन के आधार पर नई तैनाती दे दी है। शिक्षकों की तैनाती विभाग में चर्चाओं में है। अंतर्जनपदीय तबादले में दूर दराज के स्कूलों में पूर्व में तैनाती लेने वाले शिक्षकों का कहना है कि विभागीय दोहरी नीति से शिक्षकों में आक्रोश है। सात महीनों से अवकाश पर रहने वाले शिक्षकों को आचार संहिता लागू होने से पहले दी गई है।