बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों का वार्षिक परीक्षा शेड्यूल जारी होने के साथ बच्चों को पाठ्यक्रम का रिवीजन कराने के आदेश हो गए हैं। प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूलों में नवंबर माह में किताबें पहुंचने एवं कई स्कूलों में एक ही शिक्षक की तैनाती होने से पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो सका है। परीक्षा शेड्यूल जारी होने से शिक्षकों में पाठ्यक्रम पूरा कराने का दबाव आ गया है। आनन फानन में पाठ्यक्रम पूरा कराया जा रहा है। स्कूलों में रिवीजन कराने के बजाए बच्चों को होम वर्क दिया जा रहा है।
बेसिक शिक्षा परिषद की दिसंबर माह में ही आनन फानन में द्वितीय सत्र परीक्षाएं हुई हैं। फरवरी आखिर में लर्निंग आउटकम के आधार पर ग्रेडिंग परीक्षा हुई हैं। शिक्षा सचिव रूबी सिंह ने अब मार्च में वार्षिक परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है। सचिव ने कहा कि होली के अवकाश के चलते परीक्षाएं 23 मार्च की जगह 25 मार्च तक भी पूरी कराई जा सकती हैं। इसके लिए जिले अपने स्तर पर तैयारी कर सकते हैं। इस साल नवंबर माह में बच्चों के हाथों में किताबें पहुंची हैं। जिन स्कूलों में एक शिक्षक और एक शिक्षा मित्र की तैनाती है वहां बच्चों का पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाया है। स्कूल में शिक्षण कार्य के अलावा शिक्षकों से एमआर और मतदान बूथों और बोर्ड परीक्षा ड्यूटी लगाई गई है। वार्षिक परीक्षा शेड्यूल जारी होने के साथ शिक्षकों के साथ बच्चों की चिंताएं बढ़ी हैं।
बेसिक शिक्षा परिषद की छमाही परीक्षा का शेड्यूल
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- पांच मार्च: जिला स्तर पर कक्षा एक से लेकर कक्षा 8वीं तक प्रश्नपत्रों को तैयार करना
- 10 मार्च: प्रश्नपत्रों का मुद्रण एवं सील पैकेट डायट प्राचार्य की कस्टडी में सुरक्षित किए जाएंगे
- 13 मार्च: परीक्षा शुरू होने से तीन दिन पहले खंड शिक्षा अधिकारियों को सील बंद पैकेट सौंपेंगे
- 14 मार्च: प्रश्नपत्रों के सील पैकेट संकुल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को उपलब्ध कराए जाएंगे
- 16 मार्च से 23 मार्च: गृह परीक्षाओं का आयोजन
- 24 से 26 मार्च: मूल्यांकन कार्य
- 28 से 29 मार्च: परीक्षाफल तैयार होगा
- 30 मार्च: परीक्षाफल घोषित