दिल्ली रोड स्थित बुद्धि विहार धर्मकांटे के पास बुधवार देर रात बस की जबरदस्त टक्कर से प्रतीक भटनागर और चंचल विश्नोई की मौत हो गई थी। दोनों अपने-अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। दोनों परिवार अपने बेटों के घर लौटने का इंतजार रहे थे। वह तो नहीं आए लेकिन कि मौत की खबर आ गई हादसे की जानकारी इनके घर पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया।
हादसे में जान गंवाने वाले प्रतीक भटनागर मूलरूप से अमरोहा के शिव द्वार मोहल्ले के रहने वाले थे। वह अपनी मां विजय लक्ष्मी भटनागर के साथ लाइन पार गायत्री नगर में रहते थे। जबकि प्रतीक भटनागर के दोस्त चंचल विश्नोई का परिवार मिलन विहार खुशहालपुर में रहता है। चंचल के पिता भूपेंद्र सिंह रेलवे विभाग से सेवानिवृत्त हैं। परिवार में तीन बहनें और मां स्नेह लता है। प्रतीक और चंचल अपने-अपने परिवारों के इकलौते बेटे थे। फाइनेंस कंपनी में कार्यरत प्रतीक और चंचल बुधवार देर रात बुद्धि विहार धर्मकांटे के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस ने इनकी स्कूटी में टक्कर मार दी थी। जिसमें दोनों की मौत हो गई थी। इकलौते बेटों की मौत से दोनों परिवार टूट गए हैं। प्रतीक की मां विजय लक्ष्मी और चंचल के मां बाप व बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पति पहले की मौत अब बेटा भी खोया
मुरादाबाद। प्रतीक भटनागर के पिता वीके भटनागर दस साल पहले कपूर कंपनी पुल से नीचे उतर रहे थे। पैर फिसलने से वह पुल पर आगे की तरफ गिर गए थे। जिससे उनके सिर में चोट लगी और खून बहने लगा। लोगों ने उन्हें अस्पताल भिजवाया। लेकिन तब तक उनकी सांसे थम चुकी थीं। मां विजय लक्ष्मी भटनागर और बेटा प्रतीक भटनागर गायत्रीनगर में रह रहे थे। अब कुदरत ने मां से बेटा भी छीन लिया।
हेलमेट पहने होते तो बच सकती थी जान
मुरादाबाद। गुरुवार दोपहर पुलिस ने प्रतीक और चंचल के शवों के पोस्टमार्टम कराए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों की मौत सिर में चोट लगने की वजह से हुई थी। बताया जा रहा है कि हादसे के समय प्रतीक और चंचल ने हेलमेट नहीं लगा रखा था। हेलमेट होता तो शायद दोनों की बच सकती थी।
परिवारों में चल रही थी शादी की तैयारियां
मुरादाबाद। प्रतीक और चंचल अच्छे रोजगार से जुडे़ थे। दोनों की परिवारों में अब शादी की तैयारियां चल रही थी। लेकिन एक हादसे ने दोनों परिवारों की खुशियां एक पल में छीन लीं।