केंद्रीय चुनाव आयोग के चुनाव संबंधी निर्देश सभी जिलों में पहुंच चुके हैं। सभी चुनाव अधिकारियों से उनका सख्ती से अनुपालन पर जोर देने और उससे सभी दलों को अवगत कराने को कहा गया है। आयोग के निर्देशों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की बात कही गई है। इस बार चुनाव आयोग ने इको फ्रेंडली अर्थात पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया है। खुद मुख्य चुनाव आयुक्त ने पर्यावरण के अनुकूल चुनाव प्रचार सामग्री के प्रयोग पर खास जोर दिया है। प्लास्टिक की चुनाव सामग्री पर बैन तो पहले से ही था, अब पूरा फोकस पर्यावरण संरक्षा पर रहेगा। किसी भी प्लास्टिक सामग्री के उपयोग पर पाबंदी बदस्तूर जारी रहेगी। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का बेलगाम इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकेगा। चुनावी बैठकों और सभाओं में भी पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
लाउडस्पीकर प्रतिबंधित
लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। छात्रों, बीमारों, बुजुर्गों आदि को ध्वनि प्रदूषण से बचाने के लिए आयोग ने रात 10 बजे से सुबह छह बजे के दौरान लाउडस्पीकर के उपयोग को प्रतिबंधित कर दिया है। इस दौरान किसी भी वाहन, रैली या सभा में लाउडस्पीकर नहीं बताया जा सकेगा। किसी भी संसदीय क्षेत्र में चुनाव से 48 घंटे पहले ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। स्कूलों, अस्पतालों, वृद्धाश्रमों, सैनिटोरियम के आसपास लाउडस्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।