अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। सरकारी अस्पताल मरीजों को इलाज देता है.. बीमारी और संक्रमण नहीं। अधिकारियों के इस दावे की पोल जिला अस्पताल की ओपीडी के पीछे कूड़े में जलते मेडिकल बॉयो वेस्ट की तस्वीर ने खोल दी। दवाओं की शीशियां और इंजेक्शन यहां जलते हुए मिले। इस लापरवाही के बाबत जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार से पूछा गया तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा - यह मेडिकल वेस्ट हमारा नहीं है। महिला अस्पताल का होगा। दूसरी तरफ महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. कल्पना ने बताया कि हमारा वेस्ट तो स्टोर में रखने के बाद निस्तारण करने वाली कंपनी को दिया जाता है।
मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी के पीछे मरीजों की लाइन लगी थी। यहां से कुछ दूरी पर कूड़े से धुआं उठ रहा था। जरा करीब जाकर देखा तो उसमें उपयोग किए गए इंजेक्शन और दवाओं की शीशियां पड़ी सुलग रही थीं। नियमानुसार मेडिकल वेस्ट को खुले में जलाया नहीं जा सकता। स्वास्थ्य विभाग ने इसके निस्तारण के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की हुई है। लाल, हरा और पीले डिब्बों में इस मेडिकल वेस्ट को सुरक्षित करने के बाद बॉयो मेडिकल वेस्ट को निस्तारित करने वाली गाजियाबाद की ठेका कंपनी को सौंपा जाना चाहिए था।
यह मेडिकल वेस्ट हमारा नहीं होगा। अस्पताल के जिस हिस्से में मेडिकल वेस्ट जलने की बात की गई है, वह महिला अस्पताल के हिस्से में आती है। - डॉ. राजेंद्र सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
अस्पताल से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट को स्टोर में सुरक्षित किया जाता है। इसको ठेका कंपनी की गाड़ी लेकर जाती है। फिर भी मैं छानबीन करा ली जाएगी। - डॉ. कल्पना, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल